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DU की चेतावनी! फर्जी या AI से बने डॉक्यूमेंट अपलोड किए तो रद्द होगा एडमिशन, हो सकती है कानूनी कार्रवाई

  • Agency by: Agency
  • Updated Jul 20, 2026, 10:30 AM IST

DU में यूजी और पीजी कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बीच दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए एआई से बने दस्तावेज या एडिट दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है।

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DU फर्जी या AI से बने डॉक्यूमेंट अपलोड करने वालों को दी चेतावनी (Photo - AI)

DU Admission 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने एडमिशन प्रक्रिया में शामिल होन वाले छात्रों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें विश्वविद्यालय ने साफ कर दिया है कि यदि छात्र द्वारा इस प्रक्रिया के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार, डिजिटल रूप से एडिट किए गए या फर्जी दस्तावेज जमा करता है, तो उसका एडमिशन बिना किसी नोटिस के तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, गंभीर मामलों में विश्वविद्यालय नियमों का उल्लंघन करने और धोखाधड़ी के मामले में कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है।

AI और डिजिटल एडिटिंग पर डीयू की पैनी नजर

दिल्ली विश्वविद्यालय की एडमिशन शाखा ने बताया कि हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के दौरान AI टूल्स, फोटोशॉप या डिजिटल एडिटिंग की मदद से बदले गए संदिग्ध प्रमाणपत्र अपलोड किए गए हैं। इसे देखते हुए ही यूनिवर्सिटी द्वारा चेतावनी जारी की गई है। डीयू ने इसे पूरी प्रवेश प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिए एक गंभीर खतरा माना है। इसी कारण इस बार फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है।

एडवांस वेरिफिकेशन सिस्टम से होगी जांच

फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए इस साल दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आधुनिक तकनीक और एडवांस्ड डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम के माध्यम से पूरी जाएगी। प्रशासन की मानें तो इस प्रक्रिया में AI से जेनरेट किए गए या मॉडिफाई किए गए डॉक्यूमेंट्स की तुरंत पहचान हो जाएगी। फोटोशॉप या किसी भी प्रकार की डिजिटल छेड़छाड़ को आसानी से पकड़ा जा सकेगा और यदि काउंसलिंग के किसी चरण में या फिर एडमिशन के बाद किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो अभ्यर्थी का रजिस्ट्रेशन और एडमिशन तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।

केवल ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी ही करें अपलोड

डीयू ने सभी उम्मीदवारों को सख्त हिदायत दी है कि वे फॉर्म भरते समय केवल अपने मूल यानी ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी ही अपलोड करें। मार्कशीट, जाति/श्रेणी प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र या पहचान पत्र में किसी भी तरह की एडिटिंग या बदलाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एडमिशन के दौरान इन 3 बातों का रखें विशेष ध्यान

दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन के दौरान उम्मीदवारों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का खास ध्यान रखने की आवश्यकता है और वह महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार है -

डिजिलॉकर का उपयोग करें - यदि आपके पास ओरिजिनल मार्कशीट की फिजिकल कॉपी उपलब्ध नहीं है, तो आप बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिजिलॉकर की वैरिफाइड कॉपी का उपयोग कर सकते हैं। वह भी फिजिकल कॉपी की तरह ही मान्य होगी और आपको फिजिकल कॉपी की सबमिट करने के एक तय समय मिल जाएगा।

सर्टिफिकेट का फॉर्मेट - OBC-NCL या EWS श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले छात्र ध्यान रखें कि उनका प्रमाण पत्र 31 मार्च 2026 के बाद का और केंद्र सरकार के निर्धारित प्रारूप में ही बना होना चाहिए। ऐसा न होने पर एडमिशन के दौरान उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है और हो सकता है कि उन्हें इसका लाभ न मिले।

स्पेलिंग का मिलान - आवेदन फॉर्म के दौरान सबसे कॉमन गलती तो छात्र करते हैं वह स्पेलिंग मिस्टेक। आपके कक्षा 10वीं-12वीं के प्रमाण पत्रों, पहचान पत्र और आवेदन फॉर्म में नाम व जन्मतिथि की स्पेलिंग पूरी तरह समान होनी चाहिए। इसमें अंतर होने पर आपको थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि इसमे एडमिशन रद्द नहीं होगा, लेकिन आपका काम बढ़ जाएगा, क्योंकि इसलिए आपको कोर्स से एफिडेविट बनवाना पड़ेगा। इसलिए उम्मीदवार पहले ही चेक कर लें। अगर उन्हे गलती नजर आती है तो पहले ही एफिडेविट बना कर रख ले, ताकि आपको एडमिशन के दौरान परेशानी न हो।

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