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असफलता ही देती है आगे बढ़ने की सीख..., UPSC एस्पिरेंट्स को विकास दिव्यकीर्ति ने बताया सक्सेस मंत्र

संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी हो चुका है। इस बीच यूपीएससी की कोचिंग देने वाले डॉ विकास दिव्यकीर्ति की वीडियो काफी चर्चा में है, जिसमें वह यूपीएससी एस्पिरेंट्स को सफलता का मूलमंत्र बताते हुए नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि सफलता पाने का सबसे बड़ा मंत्र निरंतर प्रयास और सही दिशा में मेहनत करना है।

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Success tips from Dr Vikas Divyakirti: सफल होने का मंत्र

Dr Vikas Divyakirti Success tips for UPSC Aspirants: यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए दृष्टि आईएएस के फाउंडर डॉ विकास दिव्यकीर्ति सर सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में से एक है। अक्सर सोशल मीडिया पर उनके वीडियोज काफी वायरल होते हैं। इन वीडियोज में वह अभ्यर्थियों को सफलता के मंत्र देते हुए और अभ्यर्थियों को प्रेरित करते हुए नजर आते हैं। संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी हो चुका है। इस बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है, जिसमें वह छात्रों को 'सफलता का मंत्र' बताते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में उन्होंने आसान भाषा में समझाया है कि सफलता क्या है ? वीडियो में वह बता रहे हैं कि आज के समय में हर व्यक्ति जीवन में सफलता हासिल करना चाहता है, लेकिन बहुत कम लोग समझ पाते हैं कि सफलता के लिए सही रास्ता क्या है।

निरंतर प्रयास और सही दिशा में मेहनत

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का कहना है कि सफलता पाने का सबसे बड़ा मंत्र निरंतर प्रयास और सही दिशा में मेहनत करना है। उन्होंने कहा कि केवल सपने देखना ही काफी नहीं होता, बल्कि उन सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करना भी जरूरी होता है। कई बार लोग असफलता मिलने पर हार मान लेते हैं, लेकिन वास्तव में असफलता ही हमें आगे बढ़ने की सीख देती है।

क्या है सफलता का मूलमंत्र

उन्होंने बताया कि जीवन में सफल होने के लिए धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास बहुत जरूरी हैं। यदि किसी व्यक्ति में ये तीनों गुण हैं तो वह धीरे-धीरे अपने मुकाम को हासिल कर सकता है। उनका मानना है कि हर व्यक्ति की अपनी क्षमता होती है और उसे अपनी क्षमता को पहचानकर उसी दिशा में काम करना चाहिए।

अनुशासन और आत्मविश्वास

विकास दिव्यकीर्ति ने छात्रों को यह भी बताया कि सफलता पाने के लिए अनुशासन और आत्मविश्वास भी बेहद जरूरी हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने काम के प्रति अनुशासित रहता है और अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी है तो वह धीरे धीरे अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है। आत्मविश्वास भी उतना ही जरूरी होता है, क्योंकि बिना आत्मविश्वास के व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना नहीं कर पाता।

सफलता का IQ से क्या है कनेक्शन

यूपीएससी एस्पिरेंट्स को सफलता के बारे में समझाते हुए उन्होंने IQ का भी वर्णन किया। इसकी फुलफॉर्म Intelligence Quotient होती है। बता दें किसी चीज की वैल्यू या मात्रा कितनी है इसे Quotient कहा जाता है। आईक्यू को सरल भाषा में कहें तो इसका मतलब होता है कि आपके कितने तार्किक व्यक्ति हैं होता है। उन्होंने कहा दुनिया कि इतिहास में ऐसा कई लोगों ने माना है कि सबसे सफल व्यक्ति वही है जिसके अंदर तार्किक क्षमता ज्यादा है। कुछ हद तक यह बात सही भी मानी जाती है। यदि आप ज्यादा तार्किक होंगे तो आपमें सही निर्णय लेने की क्षमता ज्यादा होगी, जोकि एक डीएम में होना बहत जरूरी होता है। आपका हर फैसला पूरे जिले के लिए होता है।

IAS बनने के लिए कितना IQ होना चाहिए

विकास दिव्यकीर्ति ने बताया कि ऐसा माना जाता है कि किसी का आक्यू यदि 90 से 110 से कीच में है तो सामान्य माना जाता है। वहीं, यदि आप आईएएस बनना चाहते हैं तो माना जाता है कि यदि आपका आईक्यू 120 से 140 है तो आप ठीक हैं। वहीं यदि किसी का आईक्यू 140 प्लस है तो बड़ी बात मानी जाती है। इसके अलावा इतिहास में किसी का आईक्यू 200 प्लस भी देखा गया है।

(डिस्क्लेमर: यह लेख डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के व्याख्यान और विचारों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें प्रस्तुत विश्लेषण और निष्कर्ष मुख्यतः निजी व्याख्या और दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। यह सामग्री केवल शैक्षणिक और सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। इसे किसी भी विषय पर आधिकारिक या अंतिम सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।)

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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