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DElEd vs BEd Course: डीएलएड या बीएड में क्या है बेस्ट, जानें किसमें ज्यादा है नौकरी के मौके

Difference Between DElEd vs BEd: टीचिंग फील्ड में करियर बनाने के लिए बीएड या डीएलएड को लेकर अक्सर कंफ्यूजन होता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किसमें नौकरी की संभावनाएं ज्यादा है? किस कोर्स को करना ज्यादा सही है? इन सभी सवालों के जवाब यहां देख सकते हैं।

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BEd या DElEd में कौन बेस्ट?

Photo : iStock

Difference Between DElEd vs BEd: टीचर के तौर पर अपना करियर स्टार्ट करना चाहते है तो पहले से ही बेस्ट कोर्स के बारे में जान लें। टीचिंग फील्ड में करियर बनाने के लिए बीएड या डीएलएड को लेकर अक्सर कंफ्यूजन होता है। यहां विस्तार से DElEd और BEd कोर्स के बारे में जान सकते हैं। साथ ही दोनों कोर्स के बीच के अंतर के बारे में भी बताया गया है।

बहुत से छात्र DElEd और BEd के बीच के मुख्य अंतर को नहीं जानते हैं। इस वजह से यह फैसला नहीं कर पाते हैं कि कौन सा कोर्स बेस्ट है और किसको करने के बाद नौकरी के मौके ज्यादा हैं। नीचे दिए कुछ प्वाइंट्स से इन दोनों कोर्स के बीच का अंतर जान सकेंगे।

क्या है DElEd?

टीचिंग सेक्टर में नौकरी पाने के लिए डीएलएड एक अच्छा कोर्स है। यह कोर्स दो साल की अवधि का होता है। यह एक डिप्लोमा प्रोग्राम है। इसमें दाखिले के लिए अलग-अलग राज्यों में प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती है। हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डीएलएड ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को अब नौकरी की गारंटी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने DElEd Course को सभी प्राइमरी टीचर के लिए अनिवार्य कर दिया है।

क्या है BEd कोर्स?

बीएड एक बैचलर डिग्री प्रोग्राम है। यह कोर्स दो साल या एक साल का हो सकता है। इसे छात्र किसी विशेष विषय में भी कर सकते हैं। इस कोर्स को ग्रेजुएशन के बाद किया जा सकता है। इसमें चाइल्ड डेवलपमेंट, पैडेगरी और लैंग्वेज स्टडी जैसे सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाते हैं। यदि आप उच्च प्राथमिक या उच्च विद्यालय (टीजीटी) या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (पीजीटी) में शिक्षक बनना चाहते हैं तो आपको यह कोर्स करना होगा।

DElED और BEd के बीच में अंतर

डीएलएड और बीएड के बीच अंतर यह है कि एक डिप्लोमा कोर्स है और दूसरा ग्रेजुएशन लेवल का कोर्स है। दोनों कोर्स का दायरा भी अलग है। DElEd करने वाले छात्र केवल प्राइमरी कक्षा के छात्रों को ही पढ़ा सकेंगे। जो शिक्षक हाई स्कूल में छात्रों को पढ़ाना चाहता है, उसे बीएड की डिग्री पूरी करनी होगी।

नौकरी की बात करें तो सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद डीएलएड कोर्स की मान्यता बढ़ने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में केवल डीएलएड प्रशिक्षित ही भाग ले सकते हैं। बीएड वालों को इस आदेश के बाद झटका लगा है। हालांकि, बीएड धारकों के लिए शिक्षकों की भर्तियां ज्यादा निकलती हैं।

TNN Education Desk
TNN एजुकेशन डेस्क author

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