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Delhi School Fees 2026: दिल्ली में मनमानी स्कूल फीस लेने पर लगी लगाम, जानिए क्या हैं नए नियम और पेरेंट्स को कैसे मिलेगी राहत

Delhi School Fees 2026: दिल्ली के स्कूलों में मनमानी फीस पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने दिल्ली स्कूल शिक्षा आदेश 2026 पेश किया है, जिसमें फीस को बढ़ाने को लेकर नए नियम पेश किए गए हैं।

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Delhi School Fees 2026 (Photo - AI)

Delhi School Fees 2026: दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने की शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्कूल फीस तय करने और उस पर नियंत्रण रखने के लिए नई समय-सीमा और कड़े नियम को लागू करने का फैसला लिया है। दिल्ली विधानसभा में 'दिल्ली स्कूल शिक्षा आदेश, 2026' पेश किया गया है, जो 'दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 2025' (Delhi School Education Act 2025) के अमल में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए लाया गया। ये नया कानून लागू होने के बाद दिल्ली के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को अनियंत्रित फीस वृद्धि से बड़ी राहत देगा।

हर स्कूल में बनेगी 'स्कूल-लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी'

दिल्ली सरकार के इस नए नियमों के अनुसार, दिल्ली गजट में आदेश प्रकाशित होने के 10 दिनों के भीतर प्रत्येक स्कूल को अपने स्तर पर 'स्कूल-लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी' (SLFRC) का गठन करना अनिवार्य होगा। यह कमेटी स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रस्तावित फीस के ढांचे की निष्पक्ष जांच करेगी और कानून के दायरे में रहकर फीस का निर्धारण करेगी। कमेटी के गठन के बाद स्कूलों को 14 दिनों के भीतर सत्र 2026-27 से शुरू होने वाले अगले तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए अपना प्रस्तावित फीस स्ट्रक्चर तैयार करके जमा करना होगा।

नई फीस मंजूर होने तक फीस बढ़ाने पर पूरी तरह रोक

अभिभावकों के लिए सबसे राहत की बात यह है कि जब तक सत्र 2026-27 से 2028-29 की अवधि के लिए नया फीस स्ट्रक्चर आधिकारिक रूप से मंजूर नहीं हो जाता, तब तक कोई भी स्कूल 1 अप्रैल 2025 को लागू फीस से अधिक राशि नहीं वसूल सकेगा। यदि किसी स्कूल ने तय इस नए नियम से पहले ही बढ़ी हुई फीस ले ली है, तो अंतिम फीस निर्धारित होने के बाद उस अतिरिक्त राशि को भविष्य की फीस में एडजस्ट करना होगा।

फीस विवादों के समाधान के लिए 'डिस्ट्रिक्ट फीस अपीलीय कमेटी'

फीस से जुड़े विवादों और शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। आदेश प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर हर शिक्षा जिले में 'डिस्ट्रिक्ट फीस अपीलीय कमेटी' (DFAC) का गठन किया जाएगा। यदि किसी अभिभावक या स्कूल को फीस निर्धारण से जुड़ी कोई शिकायत होगी, तो यह कमेटी उसकी सुनवाई करेगी और अभिभावकों की समस्याओं का समाधान करेगी।

तीन साल के लिए लागू रहेगा यह विशेष प्रावधान

शिक्षा विभाग के अनुसार, फीस रेगुलेशन कानून दिसंबर 2025 में लागू हुआ था, जिसके कारण 2025-26 सत्र की पुरानी समय-सीमा का पालन करना व्यावहारिक रूप से कठिन था। इसी वजह से सरकार ने अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह नया आदेश जारी किया है। यह विशेष व्यवस्था 2026-27 से 2028-29 के तीन साल के फीस चक्र तक लागू रहेगी, जिसके बाद स्कूल अधिनियम में निर्धारित नियमित समय-सारणी का पालन करेंगे।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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