दिल्ली में GRAP 3 लागू, स्कूल बंद पर आया निर्देश
Delhi School Closed due to Air PollutionGRAP 3: दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण स्कूल बंद से जुड़ी घोषणा की गई है। इसके चलते अब पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) में होगी। यह आदेश सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर लागू होगा। निर्देश तुरंत प्रभाव से लागू किए गए हैं। हालांकि ये आदेश किस तारीख तक फॉलो करने की जरूरत है, अभी इस पर कोई निश्चित समय नहीं बताया गया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर ये कहा गया है कि 'अगला आदेश आने तक यही व्यवस्था रहेगी।'
दिल्ली में वायु प्रदूषण, GRAP 3 लागू
इस सीजन में पहली बार दिल्ली-NCR में हवा की क्वालिटी 'बहुत खराब' यानी Severe कैटेगरी में आ गई है। इसके बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज 3 लागू कर दिया। यह फैसला शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) तेजी से बढ़कर 425 होने के बाद लिया गया।
What is GRAP 3 in Hindi
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) एक ऐसा फ्रेमवर्क है, जिसे दिल्ली-NCR क्षेत्र में हवा की क्वालिटी की गंभीरता के आधार पर कई लेवल के उपायों के जरिए एयर पॉल्यूशन से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पॉल्यूशन लेवल के चार स्टेज के लिए खास एक्शन बताता है:
स्टेज 1: खराब (AQI 201-300)
स्टेज 2: बहुत खराब (AQI 301-400)
स्टेज 3: गंभीर (AQI 401-450)
स्टेज 4: बहुत गंभीर (AQI 450 से ऊपर)
GRAP-3 के तहत, जब पॉल्यूशन गंभीर कैटेगरी (AQI 401-450) में पहुंच जाता है, तो ज्यादा सख्त पाबंदियां लागू की जाती हैं।
Delhi AQI
पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के डेटा के मुताबिक, आनंद विहार में AQI 412, अलीपुर में 442 और बवाना में सबसे ज़्यादा 462 रिकॉर्ड किया गया। चांदनी चौक में AQI 416 रहा, जबकि RK पुरम और पटपड़गंज में यह क्रमशः 446 और 438 दर्ज किया गया।
इस बीच, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, 1 जनवरी से 9 नवंबर 2025 के बीच दिल्ली का औसत AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 175 रिकॉर्ड किया गया है, जो पिछले साल इसी दौरान 189 था। इस दौरान PM2.5 और PM10 का कंसंट्रेशन लेवल क्रमशः 75 ug/m3 और 170 ug/m3 रहा, जबकि पिछले साल इसी दौरान यह क्रमशः 87 ug/m3 और 191 ug/m3 था।
इस साल पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में भी कमी देखी गई है। 15 सितंबर से 9 नवंबर 2025 के बीच पंजाब में 4,062 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि 2024 में इसी दौरान 6,266 घटनाएं हुई थीं (यानी 35.2% की कमी)।