एजुकेशन

Current Affairs Today: दुनिया का पहला ऊर्जा साक्षर शहर, 99% को नहीं पता, परीक्षा में जरूर आ सकता है सवाल

Current Affairs 2024 Questions and Answers: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को जरूर से पता होना चाहिए कि ऊर्जा साक्षर शहर क्या है? दुनिया का पहला ऊर्जा साक्षर शहर कहां है या कहां बनने वाला है, ऐसे करेंट अफेयर्स के Competition Exam में आने की संभावना पूरी रहती है।

Image

ऊर्जा साक्षर अभियान (image - canva)

Current Affairs Today in Hindi: ऊर्जा साक्षर शहर बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को जरूर से पता होना चाहिए कि ऊर्जा साक्षर शहर क्या है? दुनिया का पहला ऊर्जा साक्षर शहर कहां बना है या कहां बनने वाला है, ऐसे करेंट अफेयर्स के Competition Exam में आने की संभावना पूरी रहती है। ऐसे में पूरा लेख पढ़ें और जानें ऊर्जा साक्षर शहर के बारे में

इंदौर को दुनिया का पहला ऊर्जा साक्षर शहर बनाने के लिए अभियान शुरू होने वाला है। ये अभियान कहीं और नहीं बल्कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में शुरू किया जाएगा। इस शहर को दुनिया के पहले ऊर्जा साक्षर नगर की पहचान दिलाने के लिए एक दिसंबर से अभियान शुरू किया जाएगा।

इसके तहत करीब 35 लाख नागरिकों को अपनी आदतों में बदलाव करके कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अधिकारियों ने 9 अक्टूबर को यह जानकारी दी।

इंदौर क्लाइमेट मिशन

उन्होंने बताया कि ‘‘इंदौर क्लाइमेट मिशन’’ के नाम से शुरू होने वाले अभियान के लिए इंदौर नगर निगम ने ‘‘एनर्जी स्वराज फाउंडेशन’’ नाम के गैर सरकारी संगठन से हाथ मिलाया है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने संवाददाताओं को बताया कि अभियान का पहला चरण एक दिसंबर से शुरू होकर 100 दिन चलेगा और इसके तहत शहरवासियों को बाकायदा प्रशिक्षण देकर कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य है कि हम इस अभियान के जरिये इंदौर को दुनिया के पहले ऊर्जा साक्षर शहर की पहचान दिलाएं।’’ मुंबई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी ‘‘एनर्जी स्वराज फाउंडेशन’’ के प्रमुख हैं।

सोलर मैन ऑफ इंडिया

‘‘सोलर मैन ऑफ इंडिया’’ के नाम से मशहूर सोलंकी ने बताया, ‘‘हफ्ते में महज एक दिन बिना इस्तरी के कपड़े पहनने और बिना पका भोजन करने जैसी छोटी-छोटी आदतें अपनाकर हम काफी ऊर्जा बचा सकते हैं जिससे कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में बड़ी कमी लाई जा सकती है।’’

उन्होंने बताया कि ‘‘इंदौर क्लाइमेट मिशन’’ के तहत शहर में बिजली की मासिक खपत में सात से 10 प्रतिशत की कटौती का लक्ष्य तय किया गया है।

भाषा हर्ष जोहेब वैभव

(भाषा इनपुट के साथ)

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

और पढ़ें
End of Article