BJP MLA Kailash Gahlot’s Daughter Devina Tops CUET UG With AIR 1: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 के नतीजों में दिल्ली की छात्रा देविना गहलोत ने देशभर में पहला स्थान हासिल कर शानदार उपलब्धि दर्ज की है। देविना ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त करते हुए देश में सबसे अधिक एग्रीगेट एनटीए स्कोर हासिल किया है। वह भाजपा विधायक और पूर्व दिल्ली मंत्री कैलाश गहलोत की बेटी हैं। इस वर्ष CUET UG 2026 के लिए 15.68 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जबकि 11.64 लाख से ज्यादा उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। इतने बड़े प्रतिस्पर्धी माहौल में देविना गहलोत का देशभर में शीर्ष स्थान हासिल करना लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी परिणामों के अनुसार, देविना ने पांच विषयों में परीक्षा दी थी, जिनमें से तीन विषयों में उन्हें 100 पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ। उनकी कुल एग्रीगेट एनटीए स्कोर 1232.19 रही, जिसने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान दिलाया। न्होंने इंग्लिश में 241.95, अर्थशास्त्र में 249.53, ललित कला में 241.11, राजनीति विज्ञान में 249.58 और मनोविज्ञान में 250 अंक हासिल किए। सभी 5 विषयों में उन्होंने कुल 1,250 में से 1,232.18 अंक हासिल किए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अब दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित St. Stephen's College में दाखिला लेने की तैयारी कर रही हैं।
5 में से उन्होंने 3 विषयों में 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं
- इंग्लिश- 99.99 पर्सेंटाइल
- अर्थशास्त्र/व्यावसायिक अर्थशास्त्र- 100 पर्सेंटाइल
- ललित कला/दृश्य कला/व्यावसायिक कला- 99.91 पर्सेंटाइल
- राजनीति विज्ञान- 100 पर्सेंटाइल
- मनोविज्ञान- 100 पर्सेंटाइल।
देविना ने दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) वसंत कुंज से पढ़ाई की है। 12वीं कक्षा में उनके 99.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। देविना की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इससे पहले 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। बेटी की इस उपलब्धि पर कैलाश गहलोत ने खुशी जताते हुए कहा कि यह उसकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने शिक्षकों, स्कूल और परिवार के अन्य सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने देविना का मार्गदर्शन किया।
देविना की सफलता
देविना ने कहा कि परिणाम आने के बाद उन्हें अपनी सफलता पर खुशी तो हुई, लेकिन ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने इसे अपने जीवन का यादगार और सपनों को सच करने वाला क्षण बताया। उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल लंबे समय तक पढ़ाई करने पर नहीं, बल्कि पढ़ाई और आराम के बीच संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दिया। उनका मानना है कि लगातार पढ़ाई के साथ छोटे-छोटे ब्रेक लेना भी सफलता के लिए जरूरी है।
