Uttarakhand School Closed Today, School Closed Today In Chamoli Bageshwar : उत्तराखंड में मानसून के तेवर फिर तल्फ होने लगे हैं। यहां कुछ जिलों में लगातार मूसलाधार बारिश हो (Uttarakhand School Closed Today) रही है। यहां पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदान तक बारिश की बौछार लगातार (School Closed Today In Chamoli) जारी है। मौसम विभाग ने पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके चलते जिला प्रशासन ने चमोली जिले में कक्षा 1 से 12वीं तक स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। चमोली जिले में आज भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए क्लास 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया गया है। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी छुट्टी की घोषणा की गई है। यहां आप जान सकते हैं।
Chamoli School Closed Today: चमोली में आज बंद रहेंगे स्कूल
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते यहां आज यानी 28 जुलाई 2026 को कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
Bageshwar School Closed Today: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में आज बंद रहेंगे स्कूल
IMD के अनुसार आज यानी 28 जुलाई को बागेश्वर जिले में भी स्कूल बंद करने का आदेश दिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक कक्षा 1 से 12 तक के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए एक बार अपने स्कूल के अध्यापक व प्रधानाचार्य से संपर्क करें।
Uttarakhand School Closed News: इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 28 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान और बहुत तेज बारिश भी हो सकती है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में कुछ जगहों पर भारी और तेज बारिश हो सकती है।
इन जिलों में बाढ़ का खतरा
इसके अलावा भारतीय मौसम विभाग के नेशनल फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के कुछ कैचमेंट एरिया यानी जलग्रहण क्षेत्रों में मध्यम दर्जे की अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा है। लगातार बारिश के कारण छोटी नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने, निचले इलाकों में जलभराव और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की भी संभावना है।
