CBSE Issued clarification on debate of Class 12th on screen marking system: सीबीएसई ने 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच अपनी मूल्यांकन प्रणाली को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। दरअसल, रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने खासकर फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स जैसे विषयों में कम अंक आने को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। इसके बा द CBSE ने स्पष्ट किया कि OSM प्रणाली का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता बनाए रखना है। बोर्ड ने कहा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को छात्रों के साथ निष्पक्ष, पारदर्शी और समान मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
दरअसल, CBSE 12वीं के रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर एक बहस छिड गई है। 13 मई को सीबीएसई ने इंटर के नतीजे जारी किए थे। 18 लाख से ज्यादा छात्र इस परीक्षा में बैठे थे जिसमें से कुल 85.20% प्रतिशत छात्र छात्राएं इस बार पास हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि सीबीएसई का यह जो रिजल्ट है ये पिछले छह वर्षों में सबसे कम है। यानी इस बार पास पर्सेंटेज बीते छह साल में सबसे कम रहा है। रिजल्ट सामने आने के बाद शिक्षा जगत में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को काफी सख्त कर दिया, जिसका सीधा असर छात्रों के रिजल्ट पर दिखाई दिया।
बोर्ड के बयान को ऐसे समझें
बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि वह निष्पक्ष, न्यायसंगत, पारदर्शी और समान मूल्यांकन प्रणाली बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। CBSE के मुताबिक, बोर्ड की सभी मूल्यांकन प्रक्रियाएं मजबूत और पारदर्शी नियमों के तहत संचालित की जाती हैं ताकि छात्रों के हित सुरक्षित रह सकें। बोर्ड के अनुसार, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए परीक्षकों को स्टेप-बाय-स्टेप मार्किंग करनी होती है, जिससे हर उत्तर का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके। CBSE ने कहा कि यह प्रणाली लंबे समय से बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और इससे अलग-अलग क्षेत्रों तथा विषयों में अंक देने की प्रक्रिया अधिक वस्तुनिष्ठ बनी है।
नंबर से असंतुष्ट तो रीचेकिंग के लिए करें आवेदन
यदि किसी छात्र को उत्तर पुस्तिका में किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति दिखाई देती है, तो वह बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन कर सकता है। CBSE ने यह भी कहा कि यदि कोई छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो उसे पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त करने का पूरा अधिकार दिया जाएगा। बोर्ड का कहना है कि इस वर्ष भी छात्र अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
