CBSE OSM System : सूत्रों के हवाले से खबर है कि लाखों छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए इस्तेमाल किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM सिस्टम पर उठ रहे सवालों के बीच शिक्षा मंत्रालय ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मंत्रालय ने OSM सिस्टम का ठेका पाने वाली कंपनी कोएम्प्ट एडुटेक से जुड़े टेंडर, तकनीकी मंजूरियों और खरीद प्रक्रिया के सभी रिकॉर्ड इकट्ठा कर लिए हैं।
टेंडर की शर्तों में हुए बदलाव
दरअसल, आरोप हैं कि टेंडर की कुछ शर्तों में ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे कंपनी को फायदा पहुंचा और उसे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का ठेका मिल सका, साथ ही कंपनी की तकनीकी क्षमता और इतने बड़े स्तर पर मूल्यांकन प्रक्रिया संभालने की तैयारी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
यही वजह है कि अब शिक्षा मंत्रालय पूरी प्रक्रिया की गहन समीक्षा कर रहा है और यह परखा जा रहा है कि कहीं सरकारी नियमों और वित्तीय दिशानिर्देशों की अनदेखी तो नहीं हुई।
सीबीएसई ने खारिज किए दावे
हालांकि, CBSE ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप रही, लेकिन जिस तरह OSM सिस्टम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है, उससे यह मामला केवल तकनीकी खामी तक सीमित नहीं रह गया है। अब सबकी नजर शिक्षा मंत्रालय की जांच पर टिकी है, क्योंकि यही जांच तय करेगी कि यह सिर्फ सिस्टम फेलियर था या फिर ठेका देने की प्रक्रिया में भी कोई बड़ी चूक हुई थी।
बताते चलें कि निसर्ग नाम के एक 19 साल के एथिकल हैकर ने दावा किया था कि सीबीएसई एग्जाम शुरू होने से कई महीने पहले उसने सीबीएसई के OSM यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के पोर्टल को हैक कर लिया था। निसर्ग ने बाकायदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखकर ये दावा किया, जिसके बाद एक के बाद एक विवाद खड़े होते चले गए। हालांकि अब ओएसएम पोर्टल विवाद को लेकर मंत्रालय ने जांच शुरू कर दी है।
