सीबीएसई बोर्ड 12वीं री-इवैल्युएशन को लेकर बड़ी खबर है। 21 से 24 मई 2026 के बीच कई छात्र स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं के लिए आवेदन कर रहे थे। इस दौरान कुछ तकनीकी समस्याओं के चलते कई छात्रों की भुगतान राशि दो बार कट गई थी। हालांकि अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ऐसे छात्रों को अतिरिक्त राशि उसी भुगतान माध्यम में वापस करेगा, जिससे भुगतान किया गया था। इस बात की जानकारी सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने ट्वीट कर दी है।
CBSE Copy Scanning Fees: दो बार कटे पैसे होंगे वापस
सीबीएई ने आज यानी 24 मई 2026 को नोटिस जारी कर बताया कि 21 और 22 मई के दौरान कक्षा 12वीं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करते समय तकनीकी समस्या आई। इस गड़बड़ी के कारण कुछ छात्रों के खाते से तय फीस से ज्यादा रकम कट गई, जबकि कुछ मामलों में कम भुगतान हुआ। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों से अतिरिक्त राशि कटी है, उन्हें पूरा पैसा उसी पेमेंट में वापस किया जाएगा। जिन छात्रों से कम फीस कटी है, उन्हें बैलेंस के लिए अलग से सूचना दी जाएगी। साथ ही सीबीएसई ने कहा कि प्रभावित छात्रों को इवैल्युएटेड की स्कैन कॉपी दी जाएगी और उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
CBSE Re Evaluation Fees Issue: ट्वीट कर दी जानकारी
जारी ट्वीट में कहा गया है कि 21 से 24 मई 2026 के बीच कई छात्र स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं के लिए आवेदन कर रहे थे। इस दौरान कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई थी। कुछ मामलों में भुगतान की राशि दो बार कट गई थी। जिन मामलों में अतिरिक्त भुगतान हुआ है, उन सभी में अतिरिक्त राशि उसी भुगतान माध्यम में वापस कर दी जाएगी, जिससे भुगतान किया गया था। इसी प्रकार, जिन मामलों में कम राशि कटी है, उन अभ्यर्थियों को शेष राशि के भुगतान के संबंध में अलग से सूचित किया जाएगा, यदि आवश्यक हुआ। स्कैन की गई मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां सभी मामलों में उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए अभ्यर्थियों को अलग से कोई नया अनुरोध प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
CBSE पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कड़ा रुख
बता दें हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों और अभिभावकों द्वारा पोर्टल क्रैश, सर्वर डाउन, पेमेंट गेटवे फेल होने और अन्य तकनीकी समस्याओं की शिकायतों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने CBSE से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें तकनीकी गड़बड़ियों और सिस्टम संचालन के लिए जिम्मेदार एजेंसियों की जानकारी देने को कहा गया है।
