केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा पोस्ट-रिजल्ट शुरु की रिवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे है। टेक्निकल ग्लिच में फसी रिवैल्यूएशन प्रक्रिया के चलते छात्र परेशान नजर आ रहे है। वेबसाइट न खुलना, सर्वर डाउन, पेमेंट फेल्ड और धुंधली स्कैन कॉपी की बीच सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। लगातार प्राप्त हो रही छात्रों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सीबीएसई ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर साफ किया है कि तकनीकी खामियों के कारण किसी भी बच्चे का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। सीबीएसई के इस नोटिस से छात्रों ने राहत की सांस ली है।
98.6 लाख से अधिक कॉपियों का हुआ ऑनलाइन मूल्यांकन
सीबीएसई ने बताया कि इस साल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के तहत 98.6 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया गया है। कॉपियों की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए छात्रों की ओर से बहुत बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। बोर्ड इन कॉपियों को डिजिटल रूप में तैयार कर लगातार पोर्टल पर अपलोड कर रिलीज कर रहा है।
तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए उठाए गए कदम
पोर्टल पर अचानक ट्रैफिक बढ़ने के कारण छात्रों को लॉगिन करने, पेमेंट कंफर्मेशन में देरी होने और धुंधली पन्ने दिखने जैसी कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इन समस्याओं को गंभीरता से लिया है। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ उसमें सुधार करने के लिए जरूरी तकनीकी कदम उठाए जा रहे हैं।
'न घबराएं छात्र'
सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के मानसिक तनाव या चिंता में न आएं। यदि किसी छात्र की कॉपी में कोई पन्ना गायब है, कोई उत्तर जांचने से छूट गया है या अंक जोड़ने में गड़बड़ी हुई है, तो निर्धारित नियमों के तहत सब्जेक्ट एक्सपर्ट का एक पैनल पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ इस मामले की दोबारा समीक्षा करेगा।
आवेदन की अंतिम तिथि अब 24 मई 2026 तक बढ़ी
आ रही दिक्कतों और छात्रों को राहत देने के लिए सीबीएसई ने कॉपियों की स्कैन प्रति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को एक और दिन आगे बढ़ा दिया है। अब उम्मीदवार 24 मई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा, बोर्ड द्वारा अंतिम स्कैन कॉपी भेजे जाने के दो दिन बाद तक री-इवैल्यूएशन का पोर्टल भी खुला रहेगा।
