Bihar Board 12th Result 2026 Markin Scheme, Passing Marks and Division System: बीते सालों की तरह इस साल भी बिहार बोर्ड द्वारा सबसे पहले रिजल्ट की घोषणा की गई। BSEB ने आज, 23 मार्च को दोपहर 1.30 बजे कक्षा 12वीं रिजल्ट की घोषणा कर दी। परीक्षा में शामिल हुए छात्र आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in और results.biharboardonline.com से अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं। अगर आपने भी BSEB द्वारा आयोजित हुई बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हैं तो आपको बोर्ड के मार्किंग सिस्टम, पासिंग मार्क्स और डिवीजन सिस्टम के बारे में जानना चाहिए, ताकि आपको किसी प्रकार की कंफ्यूजन न हो। आइए जानते हैं बिहार बोर्ड के मार्किंग सिस्टम और पासिंग मार्क्स के बारे में।
क्या है बिहार बोर्ड का मार्किंग सिस्टम?
बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा की थ्योरी परीक्षा में कंप्यूटर साइं, मल्टीमीडिया एंड वेब टेक्नोलॉजी, बायोलॉजी, केमिस्ट्री फिजिक्स, साइकोलॉजी, ज्योग्राफी, होम साइंस, एग्रीकल्चर, फिजिकल एजुकेशन और योग आदि 70 अंकों के लिए आयोजित की गई थी। जबकि हिंदी, इंग्लिश, संस्कृत, भोजपुरी, उर्दु और अन्य भाषाओं की परीक्षा 100 अंकों की थी। बिजनेस स्टडी, इकोनॉमिक्स, मैथ्स, हिस्ट्री, सोशियोलॉजी, पॉलिटिकल साइंस, फिलॉसफी, अकाउंट्स की परीक्षा भी 100 अंकों की थी।
बिहार बोर्ड का डिसीजन सिस्टम क्या है?
बिहार बोर्ड का डिविजन सिस्टम इस प्रकार है-
- फर्स्ट डिवीजन (First Division) - 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र फर्स्ट डिवीजन में आते हैं।
- सेकंड डिविजन (Second Division) - 45 से 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को सेकंड डिविजन में शामिल किया जाता है।
- थर्ड डिविजन (Third Division) - 33 से 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को थर्ड डिवीजन में शामिल किया जाता है।
बोर्ड परीक्षा पास करने के लिए कितने अंकों की है जरूरत?
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 12वीं के छात्रों ने थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षाएं दी थी। दोनों परीक्षाओं को पास करने के नियम अलग-अलग है। बता दें कि थ्योरी की परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंकों की आवश्यकता है। प्रैक्टिकल परीक्षा को पास करने के लिए भी छात्रों को 33 प्रतिशत अंक लाने जरूरी हैं। बता दें कि दोनों ही परीक्षाओं को अलग-अलग पास करना जरूरी है। छात्र के हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक होने चाहिए। कुल मिलाकर बिहार बोर्ड परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को 500 में 150 अंकों की आवश्यकता है। इससे कम अंक आने पर, जिस परीक्षा में वह 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने में असफल रहें हैं, वह कंपार्टमेंट की परीक्षा देकर उसमें सुधार कर सकते हैं।
छात्र और छात्राओं का पास प्रतिशत
इस बार BSEB इंटर की परीक्षाओं में 85.19 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। इसमें छात्रों का पास प्रतिशत 84.09% रहा, वहीं छात्राओं ने बाजी मारते हुए 86.23% सफलता दर हासिल की है।
कितने विषयों में दे सकते हैं कंपार्टमेंट की परीक्षा
बता दें कि बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं में 1 या 2 विषयों में पासिंग अंक न ला पाने वाले छात्र कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे अधिक विषयों में फेल होने पर उन्हें ओवरऑल फेल माना जाएगा। कंपार्टमेंट परीक्षा देने का अवसर केवल उन्हें दो विषयों में भी मिलेगा।
