Success Story: छोटी उम्र में यूट्यूब के बड़े सितारे बने अथर्वादित्य सिंह, लाखों रुपये महीने कमा कर रहे प्रेरित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 9, 2022, 02:58 PM IST

प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती है। इस बात को एक नहीं, बल्कि अनेकों बार नन्ही प्रतिभाओं ने सच साबित किया है। ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं अथर्वादित्य सिंह राव।

Success Story: छोटी उम्र में यूट्यूब के बड़े सितारे बने अथर्वादित्य सिंह, लाखों रुपये महीने कमा कर रहे प्रेरित

Success Story: प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती है। इस बात को एक नहीं, बल्कि अनेकों बार नन्ही प्रतिभाओं ने सच साबित किया है। आज कई ऐसे छोटे उस्ताद हैं जो अलग अलग क्षेत्रों में ना केवल बड़ा नाम कमा रहे हैं, बल्कि अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं अथर्वादित्य सिंह राव। अथर्वादित्य राजस्थान के सिरोही जिले के छोटे से गांव शिवगंज से हैं। 

अथर्वादित्य ने 6 साल पहले यानी 9 साल की उम्र में यूट्यूब पर काम करना शुरू किया। इसके बाद 2018 में उन्होंने Aditech नाम का एक चैनल बनाया। आज इस चैनल पर उनके 70 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं और उनके वीडियोज को 60 करोड़ से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। 2018 में जब उन्होंने आदिटेक यूट्यूब चैनल शुरू किया तो उन्होंने सोचा नहीं था कि एक दिन यही उनका करिया होगा। उन्होंने शायद ही सोचा होगा कि उन्हें ऐसा सफलता मिलेगी लेकिन वो कहते हैं कि जुनून हो तो कुछ भी किया जा सकता है। 

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो, अथर्वादित्य 2021 में यूट्यूब भारत के दूसरे नंबर के ब्रेकआउट क्रिएटर रह चुके हैं और देश- दुनिया में शिवगंज जैसे छोटे गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने इसी वर्ष 10वीं की बोर्ड परीक्षा दी है। और खुद का नाम करना चाहते हैं। आज उन्हें एक कंटेंट क्रिएटर के रूप में अच्छी खासी पहचान मिल रही है। उन्होंने कोरोना काल के दौरान जब स्कूल बंद हुए तो उस समय का भरपूर फायदा उठाया और अपने चैनल पर नियमित वीडियो डाले। आज यूट्यूब के जरिए उनकी महीने की कमाई लाखों में है। 

आज जहां डिग्री धारक बेरोजगार घूम रहे हैं, वहीं एक दसवीं कक्षा का छात्र लाखों की कमाई कर समाजिक कार्यों में भी योगदान दे रहा है। कोरोना काल की विषम परिस्थितियों में जब देश महामारी का दंश झेल रहा था, तक अथर्वादित्य सिंह राव ने एक ऑक्सिजन कंसंट्रेटर जिला प्रशासन को दिया और 21 हजार का योगदान मुख्यमंत्री कोष में दान दिया। अथर्वादित्य का ये कारनामा आज हजारों लोगों को प्रेरित कर रहा है। वह कहते हैं वीडियो कंटेट के क्षेत्र में असीमित संभावनाएं हैं और उनका फायदा उठाकर आज अपना करियर इस दिशा में स्थापित किया जा सकता है। 

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