Independence Day Speech, Bhashan in Hindi 2022 (स्वतंत्रता दिवस पर भाषण हिंदी में 2022): होठों पर गंगा हांथ में तिरंगा.. कुमार विश्वास जी की ये पंक्तियां 75वें गणतंत्र दिवस पर सटीक बैठती हैं। आज भारत को आजाद हुए 75 साल हो गए। इस आजादी को पाने के लिए ना जाने कितनी माताओं की गोद सूनी हुई और ना जाने कितनी बहनों की मांग का सिंदूर मिट गया। तब जाकर हिंदुस्तान के हांथों से गुलामी की हथकड़ियां और पैरों से गुलामी की बेड़ियों से मुक्ति मिली। कोरोना काल की समाप्ति के साथ इस बार स्वतंत्रता दिवस के प्रति लोगों के अंदर एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। इस दिन को खास बनाने के लिए महीनों पहले से तैयारियां शुरु हो गई थी, स्कूल, कॉलेज से लेकर सरकारी विभागों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। वहीं भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले लोग अपने स्पीच की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में यदि आप भी भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए तैयारी कर रहे हैं, तो हमारे इस लेख पर एक नजर अवश्य डालें।
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कैसे बनाएं स्पीच को दमदार
यदि आप चाहते हैं कि भाषण शुरू होने के साथ तालियों की गड़गड़ाहट आपकी आवाज को बुलंद कर दे तो मंच पर आते ही शायरी या किसी दमदार डायलॉग से अपने स्पीच की शुरुआत करें। इसके बाद यहां उपस्थित सभी श्रोताओं का अभिवादन करें और तैयार किए गए भाषण को शानदार तरीके से बेझिझक उपस्थित लोगों के सामने पेश करें। नीचे दिए इस पंक्ति के से करें स्पीच की शुरुआत।
दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है,
सर हमेशा ऊंचा रखना इसका जब तक दिल में जान है।
ऐसे करें भाषण की शुरुआत
सुप्रभात, आदरणीय प्राधानाचार्य महोदय, तमाम सम्मानित अतिथि, सम्मानित शिक्षकगण आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि, हम आज यहां आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। साल 1947 में इस दिन उपमहाद्वीप में एक नया अध्याय शुरू किया गया। इस दिन भारत ब्रिटिश औपनिवेशिक शासनकाल से मुक्त हो गया था। प्रत्येक भारतीय खुली हवा में सांस लेने के लिए आजाद हो गए थे। लेकिन इसके पीछे का इतिहास हमें आज भी भावुक कर देता है। देश को आजादी दिलाने के लिए सैकड़ो क्रांतिकारियों ने अपने प्रांणो की आहुति दी। हम उन नेताओं व स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं। साथ ही सरहद पर खड़े तिरंगे की आन बान शान को अपने लहू से सीचने वाले सैनिकों को भी नमन करते हैं, जो दिन रात देश की सेवा में खड़े रहते हैं। जिनके मन में एक ही संकल्प होता है कि, जीते जी इस तिरंगे का मान रखें और मरकर मर्यादा याद रहे, हम रहे या ना रहें मगर इसकी सजधज आबाद रहे।
भाषण के बीच किसी दमदार देशभक्ति शायरी या डायलॉग का करें उल्लेख .....
बंकरों पर बम गिराकर बोल जिंदा बाद तू,
शेरशाह हरदम रहेगा सरहदों को याद तू,
फूंकता जा फूंकता जा जालिमों की बस्तियां,
दुश्मनों को क्या पता आग की फौलाद तू।
वैसे तो आज के दिन देश का हर कोना तिरंगे से सजा रहता है। स्कूल, कॉलेज से लेकर सरकारी दफ्तर व रेलवे स्टेशन तिरंगे के रंग में राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हैं। 75वीं वर्षगांठ की खुशी में देश में साल के शुरुआती माह से ही स्कूल कॉलेज से लेकर सरकारी विभागों में तिरंगा यात्रा व हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही कल यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही हैं।

