Israel Politics: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश में राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार में राष्ट्रीय खेमे की सभी पार्टियों और उन सभी जियोनिस्ट दलों को शामिल किया जाना चाहिए, जो देश की सुरक्षा और भविष्य की रक्षा करना चाहते हैं। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है, जब संसद यानी नेसेट में उनके बहुमत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा, “मैं राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की अपील करता हूं, जिसमें राष्ट्रीय खेमे की सभी पार्टियां और वे सभी जियोनिस्ट पार्टियां शामिल हों, जो हमारे देश और यहूदी लोगों के एकमात्र राज्य की रक्षा करना चाहती हैं।” उन्होंने दावा किया कि ऐसी सरकार ईरान के परमाणु खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने, इजरायल को यहूदी राष्ट्र बनाए रखने और देश में एकता स्थापित करने में मदद करेगी।
नेसेट में कैसे बदले चुनावी समीकरण?
इजरायल में 27 अक्टूबर को हुए चुनाव के बाद किसी भी राजनीतिक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 120 सदस्यों वाली नेसेट में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है।
चुनाव परिणामों के मुताबिक, नेतन्याहू के लिकुड और उसके सहयोगी दलों को कुल 53 सीटें मिलीं। वहीं, उनके विरोधी दलों के पास 67 सीटें हैं। हालांकि, इस विपक्षी खेमे में अरब बहुल पार्टियों की 19 सीटें भी शामिल हैं, जिनके साथ सरकार बनाने को लेकर विपक्षी दलों में मतभेद हैं।
गादी आइजेनकोट को मिल सकता है सरकार बनाने का मौका
नेतन्याहू के सामने सबसे बड़ी चुनौती बहुमत जुटाने की है। दूसरी तरफ, उनके विरोधी दल भी आपसी मतभेदों के कारण सरकार बनाने के लिए एकजुट नहीं हो पाए हैं।
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को सरकार बनाने के लिए किसी सांसद को आमंत्रित करना है। चुनावी समीकरणों के आधार पर पूर्व सैन्य प्रमुख और यशार पार्टी के नेता गादी आइजेनकोट को यह जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। उन्हें सरकार बनाने के लिए 28 दिन मिलेंगे, जिसे 14 दिन और बढ़ाया जा सकता है।
