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इजरायल में सत्ता बचाने के लिए नेतन्याहू ने चली चाल! इजरायल में राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की अपील

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नेसेट में बहुमत नहीं मिलने के बाद राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की अपील की है। उन्होंने सभी राष्ट्रीय और जियोनिस्ट पार्टियों को साथ आने का न्योता देते हुए कहा कि इससे ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने और इजरायल में एकता कायम करने में मदद मिलेगी। चुनाव में नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं, जबकि बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत है। ऐसे में गादी आइजेनकोट को सरकार बनाने का मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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. नेसेट में बहुमत गंवाते ही नेतन्याहू का नया दांव, इजरायल में राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की अपील। AP

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Israel Politics: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश में राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार में राष्ट्रीय खेमे की सभी पार्टियों और उन सभी जियोनिस्ट दलों को शामिल किया जाना चाहिए, जो देश की सुरक्षा और भविष्य की रक्षा करना चाहते हैं। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है, जब संसद यानी नेसेट में उनके बहुमत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा, “मैं राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की अपील करता हूं, जिसमें राष्ट्रीय खेमे की सभी पार्टियां और वे सभी जियोनिस्ट पार्टियां शामिल हों, जो हमारे देश और यहूदी लोगों के एकमात्र राज्य की रक्षा करना चाहती हैं।” उन्होंने दावा किया कि ऐसी सरकार ईरान के परमाणु खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने, इजरायल को यहूदी राष्ट्र बनाए रखने और देश में एकता स्थापित करने में मदद करेगी।

नेसेट में कैसे बदले चुनावी समीकरण?

इजरायल में 27 अक्टूबर को हुए चुनाव के बाद किसी भी राजनीतिक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 120 सदस्यों वाली नेसेट में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है।

चुनाव परिणामों के मुताबिक, नेतन्याहू के लिकुड और उसके सहयोगी दलों को कुल 53 सीटें मिलीं। वहीं, उनके विरोधी दलों के पास 67 सीटें हैं। हालांकि, इस विपक्षी खेमे में अरब बहुल पार्टियों की 19 सीटें भी शामिल हैं, जिनके साथ सरकार बनाने को लेकर विपक्षी दलों में मतभेद हैं।

गादी आइजेनकोट को मिल सकता है सरकार बनाने का मौका

नेतन्याहू के सामने सबसे बड़ी चुनौती बहुमत जुटाने की है। दूसरी तरफ, उनके विरोधी दल भी आपसी मतभेदों के कारण सरकार बनाने के लिए एकजुट नहीं हो पाए हैं।

इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को सरकार बनाने के लिए किसी सांसद को आमंत्रित करना है। चुनावी समीकरणों के आधार पर पूर्व सैन्य प्रमुख और यशार पार्टी के नेता गादी आइजेनकोट को यह जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। उन्हें सरकार बनाने के लिए 28 दिन मिलेंगे, जिसे 14 दिन और बढ़ाया जा सकता है।

क्या फिर प्रधानमंत्री बने रहेंगे नेतन्याहू?

नेतन्याहू की पार्टी लिकुड 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन उनका गठबंधन बहुमत से आठ सीट पीछे है। ऐसे में राष्ट्रीय एकता सरकार का प्रस्ताव उनके लिए राजनीतिक गतिरोध से निकलने का एक रास्ता हो सकता है। हालांकि, विपक्षी नेता पहले ही नेतन्याहू के नेतृत्व में सरकार बनाने को लेकर असहमति जता चुके हैं। यदि कोई भी पक्ष बहुमत जुटाने में नाकाम रहता है, तो इजरायल में दोबारा चुनाव की नौबत भी आ सकती है। तब तक नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।
Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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