'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की शुरुआत करने वाले अभिजीत दिपके इस समय काफी चर्चा में है। आपको पता होगा ये कोई असली राजनीतिक पार्टी नहीं है। ये एक व्यंग्य (Satirical) वाला ऑनलाइन अभियान है जो कुछ ही दिनों में तेजी से फेमस हो गया। इसकी चर्चा में आने का एक कारण इसका नाम भी है। इसे शुरू सिर्फ 5 दिन ही हुए थे कि इंस्टाग्राम पर इसके 1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। जाहिर है ऐसे में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ती गई लोगों ने सर्च करना शुरू किया तो पता चला कि पार्टी या आनलाइन अभियान के संचालक अभिजीत दिपके हैं, जो मात्र 30 साल (Abhijeet Dipke Age) के हैं। ऐसे में बतौर छात्र हमें जानना जरूरी है कि अभिजीत दिपके कौन हैं (Abhijeet Dipke kon hai), क्यों हैं चर्चा में और कहां से किस सब्जेक्ट में की है पढ़ाई
अमेरिका से पढ़ें हैं अभिजीत दिपके, Abhijeet Dipke Education
अभिजीत दिपके ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स (Abhijeet Dipke Qualificaion) किया है। अभी वो किसी नौकरी चाकरी में नहीं हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी नाम के पीछे की कहानी, Cockroach Janata Party Name History
इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, इसकी शुरुआत भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा की गई एक टिप्पणी के विरोध में हुई थी, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से की थी। (Cockroach Janata Party Kisne Banai) इसके बाद अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से अपना एक डिजिटल राजनीतिक मोर्चा बना लिया।
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क्यों तेजी से हुई फेमस, Why Cockroach Janata Party is Famous
इसका सबसे बड़ा कारण इसका मजेदार नाम है, जो लोगों में दिलचस्पी पैदा करता है, और लोगो को जिज्ञासु बनाता है। इसके अलावा ये एक आनलाइन अभियान है, ऐसे में तरह तरह के मीम, रील और मजेदार पोस्ट के जरिये ये युवाओं को जोड़ रहा है।
इस समय क्यों है चर्चा में (Cockroach Janata Party News)
कुछ दिनों से CJP के समर्थक दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठा हैं। वहां से 20 जुलाई को संसद तक मार्च किया। उनकी मांग थी NEET परीक्षा पेपर लीक होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के नए और सख्त कदम लिए जाने चाहिए। अभिजीत दिपके ने इन मांगों के लिए 48 घंटे का भूख हड़ताल भी किया। 20 जुलाई को अनशन हुआ। खबर है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के लोगों से मुलाकात की। इसके बाद CJP ने सरकार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
इन सारी बातों में एक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि CJP ने बिना चुनाव लड़े ही सोशल मीडिया पर अपनी जगह बना ली है।
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