दिल्‍ली हिंसा केस : 'ताहिर हुसैन ने दंगाइयों को मानव हथियार की तरह इस्तेमाल किया'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 14, 2020, 06:44 AM IST

Delhi riots : दिल्‍ली के उत्‍तर पूर्वी इलाके में फरवरी में हुई हिंसा के दौरान आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्‍या मामले में कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के निलंबित सांसद ताहिर हुसैन के खिलाफ तल्‍ख टिप्‍पणी की है।

दिल्‍ली हिंसा केस : 'ताहिर हुसैन ने दंगाइयों को मानव हथियार की तरह इस्तेमाल किया'
Photo Credit: ANI

नई दिल्‍ली : उत्‍तर पूर्वी दिल्‍ली में इस साल की शुरुआत में हुई हिंसा के मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन की भूमिका को लेकर स्‍थानीय अदालत ने तल्‍ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि ताहिर ने दंगाइयों को 'मानव हथियार' के रूप में इस्तेमाल किया, जिसके एक इशारे पर दंगाई किसी की भी जान लेने को तैयार थे। । 

कोर्ट की यह टिप्‍पणी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी ताहिर हुसैन की ओर से दी गई जमानत याचिका पर आई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने ताहिर हुसैन को जमानत देने से इनकार करते हुए यह भी कहा कि उस जैसे ताकतवर शख्‍स को अगर जमानत पर छोड़ा गया तो वह गवाहों को धमका सकता है।

'दंगाइयों का मानव हथियार की तरह इस्तेमाल'

कोर्ट ने कहा, 'हमारे पास यह मानन के लिए पर्याप्त तथ्य हैं कि आवेदनकर्ता (ताहिर हुसैन) अपराध की जगह पर मौजूद था और एक समुदाय विशेष के दंगाइयों को भड़का रहा था। उसने खुद हिंसा नहीं की, पर दंगाइयों का मानव हथियार की तरह इस्तेमाल किया, जो उसके एक इशारे पर किसी की भी जान लेने को तैयार थे। इस मामले में यह साफ है कि इस केस में जिन गवाहों ने बयान दर्ज कराए हैं और वे उसी इलाके में रहते हैं, उन्‍हें आवेदनकर्ता (ताहिर हुसैन) जैसे ताकतवर शख्‍स द्वारा आसानी से डराया-धमकाया जा सकता है।'

जज ने हालांकि यह भी साफ किया कि उनका आदेश फिलहाल इस मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर है, आगे मुकदमे की सुनवाई के दौरान सत्यता की कसौटी पर कसा जाएगा।

ताहिर हुसैन के खिलाफ दिल्‍ली पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें आरोप लगाया गया है कि आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या को गहरी साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। चार्जशीट में कहा गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंकित शर्मा के शरीर में 51 जगह पर गहरे जख्म पाए गए थे, जिससे जाहिर होता है कि दंगाइयों ने किस तरह बर्बरता के साथ उनकी हत्‍या की। इस घटना से इलाके में सामाजिक सौहार्द बिगड़ा और भय का वातावरण बन गया।

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