वो बारिश सिर्फ बारिश नहीं व्यवस्था पर तमाचा थी,डूब गया शख्स और बह गये आशियाने, सरकार बोली- कोविड में थे व्यस्त

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 19, 2020, 05:01 PM IST

Delhi minto bridge incident: रविवार को दिल्ली का मौसम खुशगवार था। लेकिन एक शख्स की मौत मिंटो ब्रिज के नीचे हुए जलभराव में डुबने से हो गई है। अब उसकी मौत सियासत की अनसुलझी पहेली बन गई है।

वो बारिश सिर्फ बारिश नहीं व्यवस्था पर तमाचा थी,डूब गया शख्स और बह गये आशियाने, सरकार बोली- कोविड में थे व्यस्त

नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर की रविवार का सुबह कुछ लोगों के लिए खुशनुमा थी तो कुछ लोगों के लिए झमाझम बरसे बादलों ने तबाही ला दी। उत्तरी दिल्ली में मकान का भरभरा कर गिर जाना और नाले में पानी की रफ्तार देखकर लग रहा था कि यह किसी पहाड़ी इलाके की तस्वीर है। लेकिन हकीकत में दिल्ली को वो इलाका था जिसने सरकारी तैयारियों की पोल खोल कर रख दी। दिल्ली मिंटो ब्रिज के नीचे एक टेपों ड्राइवर की मौत हो गई वो पानी में फंस गया। बताया जा रहा है कि उसे कोई देख नहीं पाया था। अब वो इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत पर अब राजनीति तेज हो गई है। 

तैरती रही लाश, व्यवस्था पर कई सवाल
मिंटो ब्रिज के नीचे पानी में एक शख्स की लाश तैर रही थी और व्यवस्था से सवाल कर रही थी कि क्या उसे ऐसे ही मरना था। लोग उसे सिर्फ देखते रह गए, कुछ कर नहीं पाए। जब मौसम थोड़ा साफ हुआ तो पानी में तैरते हुए शख्स के पास पहुंचे लेकिन उसकी जान जा चुकी थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि डीटीसी बस में फंसे लोगों को निकालने के लिए दमकल की गाड़ी आई। लेकिन ऐसा लग रहा है कि उस टेंपो पर नजर नहीं गई। जब पारी मेंतैरते हुए शव को देखा गया तो पता चला की मृत शख्स और कोई नहीं उस टेंपो का ड्राइवर उत्तराखंड का रहने वाला  कुंदन सिंह था। 

दिल्ली सरकार की सफाई
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने एक सरकारी बयान दे दिया जिसमें कहा कि दिल्ली सरकार और समस्त एजेंसियां एक दूसरे के संपर्क में हैं। पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली नगर निगम एक दूसरे के साथ सामांजस्य बनाकर काम कर रहे हैं। यह बात सही है कि कोविड 19 की वजह से कुछ जगहों पर हमारा अमला व्यस्त था। लेकिन हम कोशिश कर रहे हैं। 

इससे पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि जैसे ही यह जानकारी मिली कि मिंटो ब्रिज के नीचे जलभराव हुआ है बुस्टर पंप से निकालने की कोशिश की गई। जहां तक किसी शख्स की मौत का सवाल है तो वो दुखद घटना है। उनकी सरकार की कोशिश है कि दिल्ली के किसी भी हिस्से में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना न हो। 

उत्तरी दिल्ली में जिस तरह से नाले के किनारे बह गए वो हैरतअंगेज था। उस नजारे को देखने के बाद अंदाजा लगाना मुश्किल था कि यह दृश्य किसी पहाड़ी इलाके का नहीं हो सकता है। नाले में पानी के बहाव के बाद हर किसी के रौंगटे खड़े थे। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि जिस तरह की भयंकर आवाज आ रही है उसका शोर मन और मष्तिष्क में बैठ चुका है। 

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