'अपमानित महसूस कर रहे डॉक्टर'; दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने इसलिए की केजरीवाल की निंदा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 7, 2020, 09:56 AM IST

Delhi Medical Association: दिल्ली सरकार ने पहले सर गंगा राम अस्पताल पर FIR कराई और फिर और अरविंद केजरीवाल ने कुछ अस्पतालों को चेताया। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने इसकी निंदा की है।

'अपमानित महसूस कर रहे डॉक्टर'; दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने इसलिए की केजरीवाल की निंदा

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ अस्पतालों को चेताया है। उन्होंने कहा कि जो अस्पताल कोरोना के मरीजों को भर्ती नहीं करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इसकी दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने निंदा की है। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने कहा, 'जिस तरह से दिल्ली के मुख्यमंत्री कोरोना वायरस के मरीजों को भर्ती करने और उनका टेस्ट करने के लिए डॉक्टरों को चेतावनी दे रहे हैं और अस्पतालों को धमका रहे हैं उसकी दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन कड़ी निंदा करता है। सर गंगा राम अस्पताल पर FIR बहुत निंदनीय है।'

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने कहा, 'इस महामारी संकट के समय जो डॉक्टर अपनी जान को खतरे में डालकर पिछले 2 महीनों से बिना थके दिल्ली के लोगों की सेवा कर रहे हैं उनके साथ जिस तरह का व्यवहार हो रहा है उससे वो अपमानित महसूस कर रहे हैं। वे दंडित किए जा रहे हैं और सरकार उनके प्रयासों की प्रशंसा करने के बजाय रोज नए फरमान जारी कर रही है।' 

केजरीवाल ने अस्पतालों को चेताया

दरअसल, शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ अस्पताल कोविड-19 के रोगियों को भर्ती करने से इनकार कर रहे हैं। मैं उन लोगों को चेतावनी दे रहा हूं जो सोचते हैं कि वे दूसरी पार्टी के अपने आकाओं के प्रभाव का उपयोग करके बिस्तरों की ब्लैक मार्केटिंग करने में सक्षम होंगे, तो उनको बख्शा नहीं जाएगा। केजरीवाल ने कहा, 'आप लोगों का अस्पताल दिल्ली में बनवाया था, पैसे कमाने के लिए नहीं बनवाया था। आपका अस्पताल दिल्ली के लोगों की सेवा के लिए बनवाया था। इस महामारी में ज्यादातर अस्पताल सेवा कर रहे हैं, लेकिन 2-4 अस्पताल इस गुमान है कि वो दूसरी पार्टियों के अपने आकाओं से कुछ करवा लेंगे, ब्लैक मार्केटिंग करेंगे तो उनको चेतावनी देता हूं कि वो बख्शे नहीं जाएंगे।' 

केजरीवाल ने कहा कि आज हम सभी अस्पतालों के लिए ऑर्डर पास कर रहे हैं। अब किसी भी सस्पेक्ट मरीज को अस्पताल भर्ती करने से मना नही कर सकता।  अस्पताल को मरीज को भर्ती करना होगा, उसकी टेस्टिंग के साथ-साथ उसका इलाज भी करना होगा। 

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