Rewari News: हरियाणा के रेवाड़ी में कथित गौ-तस्करी का एक मामला सामने आया है, जहां पीछा कर रही पुलिस और गोरक्षक दल की टीम से बचने के लिए आरोपी पिकअप को बिना टायर के रिम पर ही करीब तीन किलोमीटर तक दौड़ाते रहे। इसके बाद पदैयावास गांव के पास चलती पिकअप से तीन गायों को नीचे फेंककर आरोपी फरार हो गए। कसौला थाना पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान और तलाश शुरू कर दी है।
मामला गढ़ी बोलनी रोड पर गांव पदैयावास के पास का है। जानकारी के मुताबिक, डवाना-लालपुर के ग्रामीणों ने रात करीब साढ़े 12 बजे पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग पिकअप में गायों को भरकर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और गोरक्षक दल की टीम ने वाहन की तलाश शुरू कर दी।
रोकने के लिए पिकअप के टायर पंक्चर किए
टीम को गांव कोनसीवास के पास संदिग्ध पिकअप दिखाई दिया। आरोपियों को रोकने के लिए रास्ते में कांटे डाले गए। इससे पिकअप के टायर पंचर हो गए। इसके बावजूद पिकअप में सवार लोगों ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे रिम पर ही भगाना शुरू कर दिया।
टीम के मुताबिक, पिकअप लगभग तीन किलोमीटर तक पंचर टायरों के साथ ही पदैयावास की तरफ भागता रहा। पीछा किए जाने के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर पिकअप में लदी तीन गायों को चलती गाड़ी से सड़क पर फेंक दिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
टीम ने तीनों गायों को अपने कब्जे में लेकर मुक्त कराया। वहीं, क्षतिग्रस्त पिकअप को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
पिकअप में चार लोग सवार होने का दावा
गोरक्षक दल के मुताबिक, पिकअप में चार लोग सवार थे। इनमें तीन युवक आगे और एक व्यक्ति पीछे बैठा था। टीम ने पीछे बैठे युवक द्वारा कथित तौर पर फायरिंग किए जाने की बात भी कही है। हालांकि, फायरिंग की घटना और इससे जुड़े अन्य तथ्यों की पुलिस जांच कर रही है।
इसके अलावा आरोपियों के साथ बिना नंबर की एक दूसरी गाड़ी होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस गाड़ी और उसमें सवार लोगों के बारे में भी पता लगा रही है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
कसौला थाना पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ करने के साथ आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
कसौला थाना प्रभारी सतीश जांगड़ा के मुताबिक, मामले में उपलब्ध तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गायों को कहां से लाया जा रहा था और उन्हें किस स्थान पर ले जाने की योजना थी।
