Delhi Police on Jahangir Puri Violence update:उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में शनिवार को हनुमान जयंती पर निकाले गए जुलूस पर पथराव के बाद भड़की हिंसा मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है पुलिस अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को दो समुदाय के लोगों के बीच पथराव हुआ और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। हिंसा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक उप निरीक्षक को गोलियां लगी हैं।
स्पेशल सीपी, लॉ एंड ऑर्डर, दीपेंद्र पाठक ने बताया कि जहांगीरपुरी हिंसा के एक मामले की जांच के दौरान एक साजिशकर्ता अंसार को गिरफ्तार कर लिया गया है. वह पहले हमले के 2 मामलों में शामिल पाया गया था और उसे निवारक धाराओं के तहत बार-बार गिरफ्तार किया गया था और जुआ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत 5 बार मामला दर्ज किया गया था।
अंसार नाम का आदमी जिसका नाम एफआईआर में है वो गिरफ्तार हो गया है, और अपराधियों की पहचान चल रही है और पुलिस जांच कर रही है। हम सीसीटीवी फुटेज और मानव खुफिया इनपुट की जांच करेंगे। दंगा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि लोगों से अनुरोध है कि यदि उनके क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां होती हैं या कोई समूह बहस करता है तो पुलिस को सूचित करें। हमने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, 7 मामले दर्ज किए गए और हथियार बरामद किए गए हैं। पर्याप्त मात्रा में पुलिस क्षेत्र में तैनात है। शोभायात्रा के दौरान मौखिक और शारीरिक तकरार होने पर अवैध हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। जुलूस के दौरान पुलिस वहां मौजूद थी, उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मानव श्रृंखला बनाई और आंसू गैस छोड़ी।
पुलिस के मुताबिक, हिंसा में कुल नौ लोग घायल हुए हैं, जिनमें आठ पुलिसकर्मी व एक आम नागरिक शामिल है और सभी का इलाज बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल में चल रहा है। एक उप-निरीक्षक को गोली लगी है और उसकी हालत स्थिर है।
पुलिस ने कहा, 'अराजकता फैलाने में शामिल लोगों की पहचान के लिए ड्रोन और फेस-रिकग्निशन सॉफ्टवेयर (चेहरों की पहचान करने वाली तकनीक) की मदद ली जा रही है। इसके अलावा, घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे तथा मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हुए फुटेज खंगाले जा रहे हैं।'अधिकारियों ने बताया कि किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी के बाकी सभी 14 पुलिस जिलों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं और प्रौद्योगिकी के जरिये निगरानी की जा रही है।

