Delhi Crime: 5000 से ज्‍यादा वाहन चोरी, पुलिस से बचने के लिए 5 बार कराई प्लास्टिक सर्जरी, ऐसे दबोचा गया...

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 15, 2022, 02:46 PM IST

Delhi Crime: दिल्‍ली-एनसीआर समेत आस-पास के राज्‍यों में पिछले 25 साल से वाहन चोरी कर आतंक का पर्याप्‍त बने सुपर वाहन चोर को दिल्‍ली पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस रिकॉर्ड में कई नामों से पहचान बनाने वाले इस चोर व इसके दो साथियों के पास से पुलिस ने 11 चोरी की कारें, सात नकली नंबर प्लेट और चोरी में उपयोग होने वाली एक इलेक्ट्रानिक पैड व अन्‍य उपकरण बरामद किए हैं।

Delhi Crime: 5000 से ज्‍यादा वाहन चोरी, पुलिस से बचने के लिए 5 बार कराई प्लास्टिक सर्जरी, ऐसे दबोचा गया...
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Delhi Crime: दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा, राजस्‍थान में पिछले 25 साल से वाहन चोरी कर पुलिस की नाक में दम करने वाला सुपर वाहन चोर गिरफ्तार हो गया है। पुलिस की फाइल में कुणाल उर्फ तनुज उर्फ तरुण उर्फ विजय जैसे नामों से पहचाने जाने वाले इस शातिर चोर को दक्षिण-पूर्व जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते (एएटीएस) ने देबोचा है। इसके साथ दो रिसीवर को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह आरोपी पिछले 25 वर्षों में 5000 से ज्यादा कारें चोरी कर चुका है। सबसे खास बात यह कि, इस शातिर ने पुलिस से बचने के लिए पांच बार अपने चेहरे की प्‍लास्टिक सर्जरी करा चुका है। चेहरा बदलने के बाद यह नाम और पहचान बदलकर गायब हो जाता और पुलिस इसे पकड़ने के लिए हाथ पैर पटकती रह जाती।

शातिर चोर कुणाल दिल्‍ली के अमर कॉलोनी के अमृतपुरी का रहने वाला है। इसके साथ गिरफ्तार होने वाले रिसीवर की पहचान श्रीनगर के सुहैल और आदिल इरशाद भट्ट के रूप में हुई है। इन आरोपितों के पास से पुलिस ने 11 चोरी की कारें, सात नकली नंबर प्लेट और चोरी में उपयोग होने वाली एक इलेक्ट्रानिक पैड व अन्‍य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त ईशा पांडेय ने बताया कि, आरोपित कुणाल पर वाहन चोरी के 82 मामले दर्ज हैं। इस आरोपी को पुलिस ने गुप्‍त सूचना के आधार पर एमबी रोड से गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी से बचने के लिए किया....

दिल्‍ली पुलिस के अनुसार ये आरोपी डिमांड पर वाहन चोरी करता था। यह महीने में 20 दिन वाहन चोरी करता और बाकि के 10 दिन मौज-मस्‍ती व आराम करता था। ये एक ही रात में दो से तीन कारें चुराता था। पूछताछ में आरोपित कुणाल ने बताया कि, गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पांच बार प्लास्टिक सर्जरी कराई। वह चोरी की कारों को रिसीवर सुहैल और आदिल इरशाद को देता था। इसके बाद वाहन की चेचिस को टोटल लास व्हीकल की कारों की चेचिस के साथ बदल दिया जाता। चोरी के इन कारों को बिचौलिए के जरिए जम्मू कश्मीर और उड़ीसा में ले जाकर बेच दिया जाता था। इन कारों के सभी कागजात पूरे होते थे, इसलिए इनकी अच्‍छी कीमत मिल जाती थी।

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