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दिल्ली में अवैध निर्माण पर चला MCD का बुलडोजर, इन इलाकों में हुई कार्रवाई; 7 इमारतें सील

दिल्ली नगर निगम ने मंगलवार को राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 42 अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की और 7 संपत्तियों को सील कर दिया। भवन नियमों के उल्लंघन के 3 मामलों में ध्वस्तीकरण के आदेश भी जारी किए गए हैं।

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दिल्ली में अवैध निर्माण पर चला MCD का बुलडोजर, 42 जगह कार्रवाई। AI IMAGE

दिल्ली नगर निगम ने राजधानी में अवैध निर्माणों और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए मंगलवार को 42 जगहों पर कार्रवाई की। निगम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माणों को हटाया, जबकि भवन नियमों का उल्लंघन करने वाली 7 संपत्तियों को सील कर दिया। इसके अलावा 3 मामलों में ध्वस्तीकरण के आदेश भी जारी किए गए हैं।

एमसीडी के मुताबिक, यह अभियान दिल्ली के सभी 12 जोन में चलाया गया। निगम का कहना है कि अवैध निर्माणों और भवन नियमों के उल्लंघन पर लगातार नजर रखी जा रही है और जहां भी शिकायत या उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां कार्रवाई की जा रही है।

इन इलाकों में की गई कार्रवाई

मंगलवार को संत नगर, न्यू अशोक नगर, लक्ष्मी नगर, तेलीवाड़ा, शाहदरा, गीता कॉलोनी और राम नगर में प्रमुख कार्रवाई की गई। इसके अलावा जगतपुर, सोनिया विहार, दिलशाद गार्डन, देव नगर, बापा नगर, फैज रोड, द्वारका सेक्टर-14, पालम फार्म्स, अवंतिका, रोहिणी सेक्टर-1 और शकूरपुर समेत कई इलाकों में निगम की टीमें पहुंचीं और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की।

एमसीडी ने बताया कि सोमवार को भी बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था, जिसमें 44 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया था और 11 संपत्तियों को सील किया गया था। निगम का कहना है कि राजधानी में अनधिकृत निर्माण और खतरनाक भवनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

एमसीडी ने साफ किया है कि भवन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं और नियमों के खिलाफ पाए जाने वाले निर्माणों पर तुरंत कार्रवाई करें।

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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