यहां बनेगा देश का पहला ई-वेस्ट ईको पार्क, दिल्‍ली के साथ दूसरे राज्‍यों को भी मिलेगा फायदा, यह होगा खास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 10, 2022, 01:55 PM IST

Delhi News: देश के पहले ई-वेस्‍ट ईको पार्क को होलंबी कलां क्षेत्र में 21 एकड़ में बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद दिल्‍ली के अलावा आसपास के राज्‍यों को भी फायदा मिलेगा। इस ईको पार्क का निर्माण 23 माह में पूरा कर लिया जाएगा।

यहां बनेगा देश का पहला ई-वेस्ट ईको पार्क, दिल्‍ली के साथ दूसरे राज्‍यों को भी मिलेगा फायदा, यह होगा खास
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Delhi News: दिल्ली में बनने जा रहे देश के पहले ई-वेस्ट ईको पार्क की जगह फाइनल हो गई है। यह पार्क के होलंबी कलां क्षेत्र में 21 एकड़ के दायरे में विकसित किया जाएगा। इस पार्क के बनने के बाद यहां पर दिल्ली समेत दूसरे राज्यों के ई-वेस्ट का भी निस्तारण करने में मदद मिलेगी। इस पार्क के निर्माण को लेकर दिल्‍ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पर्यावरण विभाग और डीपीसीसी के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक की। जिसके बाद उन्‍होंने कहा कि, दिल्ली में प्रतिवर्ष लगभग दो लाख टन ई-वेस्ट उत्पन्न होता है। यह पूरे देश में उत्‍पन्‍न होने वाले ई-वेस्ट का लगभग 9.5 प्रतिशत है।

बता दें कि, करीब 1483 स्क्वायर किलोमीटर में फैला दिल्ली भले ही क्षेत्रफल के हिसाब से पूरे देश में 32वें नंबर पर आता है, लेकिन यह केंद्रशासित प्रदेश ई-वेस्ट पैदा करने में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद पांचवे स्‍थान पर आता है। हाल ही में किए गए एक सर्वे से पता चला है कि, देश में पैदा होने वाले ई-वेस्ट का अभी केवल 5 प्रतिशत ही रिसाइकिल किया जाता है, बाकि कूड़े के ढेर बनते जा रहे हैं। इसी कारण ही दिल्ली में ई-वेस्ट ईको पार्क बनाया जा रहा है। इसका लाभ यूपी, हरियरणा, राजस्‍थान जैसे राज्‍यों को भी मिलेगा।

11 सदस्‍यीय कमेटी गठित

इस योजना की जानकारी देते हुए गोपाल राय ने बताया कि, ई-वेस्ट ईको पार्क के निर्माण के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। इस पूरे कार्य की देखरेख दिल्ली राज्य एवं ढांचागत विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) करेगी। उन्‍होंने बताया कि, इस ई-वेस्ट ईको पार्क के निर्माण का कार्य बेहद तेज गति से किया जाएगा। दो माह के अंदर सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और करीबन 23 महीने के अंदर इसके निर्माण को पूरा करने का लक्ष्‍य रखा गया है। गोपाल राय ने बताया कि, इसके शुरू हो जाने के बाद पूरे दिल्‍ली-एनसीआर को ई-कचरे से राहत मिल जाएगी।

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