Delhi : दिल्ली विधानसभा में सुरंग, लाल किले से है जुड़ी, मरम्मत के बाद लोग देख सकेंगे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 3, 2021, 01:40 PM IST

Tunnel found in Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल का कहना है कि अंगरेजों के समय दिल्ली विस का इस्तेमाल कोर्ट के रूप में होता था। ब्रिटिश स्वतंत्रता सेनानियों को यहां सुरंग से लाते थे।

Delhi : दिल्ली विधानसभा में सुरंग, लाल किले से है जुड़ी, मरम्मत के बाद लोग देख सकेंगे
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा में एक सुरंग की तरह ढांचा मिला है। यह सुरंग लाल किले तक जाती है।  दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल का कहना है कि इस सुरंग का निर्माण कब हुआ, इसके बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है लेकिन समझा जाता है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हिंसा से बचने के लिए अंग्रेजों ने इस सुरंग का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि पहले इस विधानसभा का इस्तेमाल कोर्ट के रूप में होता था।

मरम्मत के बाद आम लोग इसे देख सकेंगे
गोयल ने बताया कि हमने इस सुरंग की शुरुआत ढूंढ निकाली है लेकिन इसे आगे खोदा नहीं गया है। उन्होंने कहा, 'जल्द ही हम इस सुरंग की मरम्मत करेंगे। इसके बाद इसे आम लोग देख सकेंगे। हमें उम्मीद है कि सुरंग की मरम्मत का काम अगले साल 15 अगस्त तक पूरा हो जाएगा।'   

उन्होंने कहा, 'पर्यटन विभाग को शनिवार और रविवार को विधानसभा में लोगों को लाने की अनुमति दी जाए इसके अनुरूप मैं विधानसभा का ढांचा तैयार कर रहा हूं।'

'सुरंग का आगे का रास्ता बंद है'
गोयल ने कहा, 'मैं साल 1993 में जब विधायक बना तो लोगों से यह कहते सुना कि विधानसभा में एक सुरंग है जो लाल किले तक जाती है। मैंने इसका इतिहास जाने की कोशिश की लेकिन इस पर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। अब हमें सुरंग की शुरुआत मिल गई है लेकिन हम इसकी खुदाई नहीं कर रहे हैं। मेट्रो की परियोजनाओं एवं सीवर लाइन की वजह से सुरंग का आगे का रास्ता बंद हो गया है।'

पहले कोर्ट के रूप में होता था विधानसभा का उपयोग
उन्होंने आगे बताया कि साल 1912 में जब देश की राजधानी कोलकाता से दिल्ली आई तो उस समय दिल्ली विधानसभा का इस्तेमाल केंद्रीय विधानसभा के रूप में हुआ। बाद में 1926 में इसे एक कोर्ट के रूप में तब्दील कर दिया गया। बताया जाता है कि अंगरेज स्वतंत्रता सेनानियों को कोर्ट तक लाने के लिए इस सुरंग का इस्तेमाल करते थे। 

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