क्राइम

जिससे थर्राता था चंबल का इलाका, उस शख्स पंचम सिंह को भिंड नगरपालिका से लगने लगा है डर

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Mar 2, 2023, 09:01 PM IST

मध्य प्रदेश के चंबल वाले हिस्से में डाकू पंचम सिंह का राज चलता था। सिर पर 2 करोड़ का इनाम और 125 लोगों के कत्ल का इल्जाम था। 1972 में इंदिरा गांधी के सामने सरेंडर कर दिया और प्रवचन देने लगे। लेकिन अब उन्हें अपने आशियाने पर बुलडोजर चलने का डर सता रहा है।

Dacoit Pancham Singh news in Hindi: यहां पर हम जिस शख्स पंचम सिंह का जिक्र करने जा रहे हैं उनका नाम 1960 के दशक में चंबल में खौफ का दूसरा नाम था। आखिर हो भी क्यों नहीं उनके हाथ 125 लोगों के खून से रंगे हुए थे। मध्य प्रदेश की पुलिस परेशाना थी। उन्हें पकड़ने की हरह कोशिश नाकाम हुई। हालांकि उन्होंने खुद 1972 में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अपराध की दुनिया से नाता तोड़ आध्यात्म की दुनिया से नाता जोड़ लिया। लेकिन अब उन्हें डर लग रहा है। बता दें कि पंचम सिंह 100 साल के हो चुके हैं। उम्र के इस पड़ाव पर अमूमन सांसों की डोर टूटने का डर होता है। लेकिन पंचम सिंह की डर की वजह कुछ और ही है। उन्हें डर अपने आशियाने के टूटने का है, आशियाने पर बुलडोजर चलने का है। भिंड नगर पालिका प्रशासन ने उन्हें घर को गिराने का नोटिस भेजा है। बता दें कि पंचम सिंह का 500 डाकुओं का गैंग भी था। भिंड, मुरैना इलाके में उनकी दहशत इस कदर थी कि पुलिस को जानकारी होने के बाद भी मौके पर जाने से कतराती थी। उनके खात्मे के लिए बड़ी रकम का ऐलान किया गया था।

ललित राय
ललित रायauthor

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।

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