Agra News: 15 साल की जिस प्रेमिका ने अपने कथित मंगेतर के साथ रहने के लिए अपना घर छोड़ दिया, उसी ने उसे पहले बेचा, फिर "नीलाम" किया और उसके बाद गैंगरेप किया। उत्तर प्रदेश के आगरा के इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को अरेस्ट कर लिया है, जिसमें तीन महिलाएं भी हैं। हालांकि, पुलिस की टीम और आरोपियों को भी तलाश रही है।
22 साल का आरोपी ताज नगरी की एक मीट (मांस) यूनिट के पैकिंग विभाग में काम करता था। लड़की वहीं उससे मिली थी और इसके बाद दोनों को प्यार हो गया। 26 जनवरी की शाम वह उसके चक्कर में अपना घर छोड़कर भाग गई। फिर वह उसको आगरा के एक इलाके में लेकर गया, जहां पर उसने उसे कथित तौर पर बेचा। हालांकि, यह कथित डील कितने में हुई? इसका खुलासा नहीं हो सका। वहां लड़की को एक औरत और उसके साथियों से मिलवाया गया, जो उसे किसी अन्य महिला (जो मीट कारोबार में थी और उसने ऐसे फ्लैट्स किराए पर दे रखे थे, जिनका इस्तेमाल वेश्यावृत्ति के लिए होता था) के पास लेकर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता जिस महिला को बेची गई थी, उसने उसे आश्वासन दिया था कि वह उसे नौकरी दिलाने में मदद करेगी, लिहाजा वह अपनी तस्वीरें खिंचा ले। लड़की के ये फोटो कथित नीलामी के जरिए कस्टमर्स को दिखाए जाते थे और उन्हीं में से एक (आगरा के निवासी) ने अधिकतम बोली लगाई। पीड़िता का इसके बाद उस शख्स ने रेप किया और फिर उन लोगों ने भी उससे बदतमीजी की, जिन्होंने सबसे अधिक बोली लगाने वाले से कुछ कम रकम बिड की थी।
हालांकि, वह वहां से किसी तरह भागने में कामयाब रही और उसके बाद पुलिस के पास पहुंची। अफसरों ने इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) से संपर्क साधा। नाबालिग के बारे में सीडब्ल्यूसी की आगरा यूनिट को जब पता लगा था, तो वे उसे एफआईआर दर्ज कराने के लिए नजदीकी पुलिस थाने ले गए थे। पुलिसिया एक्शन उसके बाद ही लिया गया है। आगे 30 जनवरी को समिति सदस्यों की मौजूदगी में लड़की का बयान स्थानीय पुलिस थाने में रिकॉर्ड किया गया।
थाना इंचार्ज की ओर से मीडिया को बताया गया, पीड़िता के बयान के आधार पर हमने पहले कथित आशिक को गिरफ्तार किया और फिर जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी के आधार पर बाकी सभी आरोपियों की धरपकड़ की। हमने इसके लिए तीन टीमें बनाई थीं और फिर दबिश दी थी। फिलहाल एक ही आदमी हमारी पकड़ से बाहर है। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को बुधवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 डीए (16 साल से कम की नाबालिग का गैंगरेप), इम्मॉरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट और पॉक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज़) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है।
