बाहुबली अतीक अहमद (Atique Ahmed) फिर से साबरमती जेल पहुंच चुका है और वो बन चुका है कैदी नंबर 17052,अतीक को उमेश पाल किडनैपिंग केस में उमकैद की सजा सुनाई गई है। बता दें कि जिस उमेश पाल की किडनैपिंग मामले में अतीक को उम्रकैद हुई है उसी उमेश पाल की 24 फरवरी को प्रयागराज में दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी।
उमेश पाल की हत्या में भी अतीक और उसके गैंग का नाम आ रहा है, अब अतीक अहमद के बुरे दिन आ गए हैं उसका बुरा काल शुरू हो चुका है। कभी अरबों की संपत्ति का मालिक अतीक को जेल में दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ रही है वो भी महज 25 रु दिन पर, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अतीक 25 रु दिन के हिसाब से मजदूरी करने लगा है।
अतीक अब कैदी नंबर 17052 के रूप में पहचाना जाएगा
साबरमती जेल में अतीक अहमद अब कैदी नंबर 17052 के रूप में जाना जाएगा। सजायाफ्ता कैदी के रूप में शुक्रवार को जेल प्रशासन ने अतीक का नंबर जारी कर दिया। वह कैदियों वाली ड्रेस पहनेगा और जेल में काम भी करना होगा। उसके सामने जेल मैनुअल के हिसाब से विभिन्न कार्यों की सूची सौंपी गई है। जो भी काम अतीक चुनेगा, उसे करना पड़ेगा।
अतीक अहमद समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा
गौर हो कि प्रयागराज की एमपी एमएलए कोर्ट ने उमेश पाल अपहरणकांड में अतीक अहमद समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट के आदेश के बाद अतीक अहमद को पुलिस टीम ने बुधवार को साबरमती जेल में दाखिल करा दिया। इसके साथ ही पुलिस ने जेल प्रशासन को अतीक के आजीवन कारावास संबंधी प्रपत्र सौंपे।
अतीक को उसकी पुरानी बैरक में भेजा गया
रात में अतीक को उसकी पुरानी बैरक में भेजा गया था। बृहस्पतिवार को साबरमती जेल अधिकारियों ने अतीक को सजायाफ्ता कैदी के रूप में बैरक आवंटित की वह कैदी नंबर 17052 के रूप में जाना जाएगा। अतीक गैंग की सूची नए सिरे से तैयार की जाएगी इसमें अतीक की पत्नी शाइस्ता और बेटों का भी नाम शामिल होगा। अशरफ के सालों का भी नाम जोड़ा जाएगा।
