सूरत के भेस्तान इलाके में 5 अगस्त को हुई हिस्ट्रीशीटर सतीश उर्फ सतीश मराठा की सनसनीखेज हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं बल्कि महीनों से रची जा रही एक सुनियोजित साजिश का नतीजा थी। पुलिस जांच के अनुसार, पुरानी गैंगवार और बदले की भावना में आरोपियों ने पहले सतीश की रेकी की, फिर उसे सुनसान इलाके में घेरकर गोली और धारदार हथियारों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
घटना के कुछ ही घंटों के भीतर सूरत क्राइम ब्रांच और तापी एलसीबी ने संयुक्त अभियान चलाकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चार नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।
ऐसे रची गई हत्या की पूरी साजिश
एफआईआर के अनुसार, 5 अगस्त की शाम सतीश मराठा अपनी परिचित महिला पारुल चौहान के साथ काले रंग की स्विफ्ट कार में भेस्तान की ओर जा रहा था। महिला ने उसे पहले फोन कर बुलाया था। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने तीन बाइकों पर उसका पीछा किया।
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सारस्वती आवास के पास खुली जगह पर पहुंचते ही हमलावरों ने कार को घेर लिया। ड्राइवर साइड का शीशा तोड़कर सतीश पर धारदार हथियारों से हमला शुरू कर दिया। घायल होने के बावजूद सतीश जान बचाने के लिए कार से उतरकर भागा, लेकिन हमलावर पहले से अलग-अलग दिशाओं में तैनात थे। पीछा करते हुए एक आरोपी ने फायरिंग की। इसके बाद हमलावरों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और कुल्हाड़ी, कोयता, तलवार और चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।
जेल में बनी थी हत्या की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों और सतीश मराठा के बीच लंबे समय से गैंगवार चल रही थी। इसी साल फरवरी में गणेश खुटिया पर हुए हमले के मामले में कुछ आरोपी जेल गए थे। वहीं लाजपोर जेल में उनकी मुलाकात गुजरात संगठित अपराध कानून के आरोपी राहुल सोमन मंडल से हुई। पुलिस के मुताबिक, वहीं सतीश मराठा की हत्या की साजिश तैयार की गई।
जांच में यह भी सामने आया कि करीब डेढ़ महीने पहले भी आरोपियों ने गोडादरा ब्रिज के पास मिर्च पाउडर फेंककर सतीश पर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच निकला था। आरोपियों को आशंका थी कि सतीश पहले उन पर हमला करेगा, इसलिए उन्होंने पहले ही उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया।
घंटों में शुरू हुआ ऑपरेशन, महाराष्ट्र भागने से पहले पकड़े गए आरोपी
हत्या के बाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और भेस्तान पुलिस की कई टीमें बनाई गईं। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर जांच शुरू हुई। जांच के दौरान सूचना मिली कि आरोपी महाराष्ट्र भागने की तैयारी में हैं। इसके बाद सूरत पुलिस ने वापी, वलसाड, व्यारा और सोनगढ़ की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी कर दी। तापी जिला एलसीबी के साथ संयुक्त अभियान चलाकर उच्छल क्षेत्र में सूरत-धुलिया हाईवे से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने चार नाबालिगों को भी हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपी-
केतन उर्फ सन्नी शिरसाठ
राहुल उर्फ बटको दुबे
करण उर्फ पिदुल दुबे
अजीत उर्फ जस्टिन गोस्वामी
पुलिस ने अन्य आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं क्योंकि वे सभी नाबालिग हैं। तीन आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस के अनुसार मामले में तीन आरोपी अब भी वांछित हैं। राहुल सोमन मंडल (मुख्य साजिशकर्ता, वर्तमान में लाजपोर जेल में बंद)राहुल बब्बन डापुरे,रिंकू (पहचान की पुष्टि की जा रही है)
हथियार भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देसी पिस्टल, एक तमंचा, एक खाली मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल की गई तीन दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।
दोनों पक्षों का आपराधिक इतिहास
जांच में सामने आया कि मृतक सतीश मराठा पर पहले से हत्या और हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामले दर्ज थे। वह 2020 के सूर्या मराठी हत्याकांड में भी आरोपी रह चुका था और जुलाई 2024 में जेल से बाहर आया था। वहीं गिरफ्तार आरोपियों पर भी हत्या, हत्या के प्रयास, हथियार और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस की जांच जारी
भेस्तान पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और गुजरात पुलिस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश और हत्या की पूरी साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
