क्राइम

श्रद्धा हत्याकांड: क्या था उन 37 बक्सों में जो कत्ल के बाद आफताब ने करवाए थे कुरियर, जानें

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 21, 2022, 03:56 PM IST

आफताब के बताए गए जगहों पर पुलिस लगातार छानबीन कर रही है। सबसे ज्यादा कठिनाई लाश के टुकड़ों को खोजने में आ रही है। दरअसल लाश के नाम पर पुलिस को हड्डियां ही मिल रही है, जिसे सिर्फ डीएनए के जरिए ही पहचाना जा सकता है और पुलिस इन्हीं जांचों में उलझ कर रह गई है।

श्रद्धा हत्याकांड (Shraddha Murder Case) में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। रोज सबूत भी मिल रहे हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी कुछ तगड़ा हाथ नहीं लगा है, जिससे आफताब (Aftab) को सजा दिलाने में आसानी हो सके। अब पता चला है कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफताब ने 37 बक्से कुरियर करवाए थे।

बक्से भेजने पर भी था विवाद

हत्या से पहले इन बक्सों को लेकर भी आफताब और श्रद्धा के बीच विवाद था। मिली जानकारी के अनुसार आफताब पूनावाला ने जून में महाराष्ट्र के पालघर जिले के फ्लैट से 37 बक्सों में दिल्ली लाया था। इसके लिए 20,000 रुपये का भुगतान किया गया था। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने दिल्ली पुलिस को बताया कि दिल्ली आने से पहले, वह और श्रद्धा इस बात को लेकर लड़े थे कि पालघर के वसई इलाके में उनके घर से सामान ले जाने के लिए कौन भुगतान करेगा?

क्या था बक्से में

सूत्रों की मानें तो आफताब ने कहा कि इन बक्सों में फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान थे। जो मुंबई से दिल्ली लाए गए थे। दिल्ली पुलिस की एक टीम ने रविवार को महाराष्ट्र के पालघर जिले में पैकेजिंग कंपनी के एक कर्मचारी का बयान दर्ज किया, जिसके बाद यह पता चला कि आफताब ने अपने फ्लैट से 37 बक्सों को दिल्ली कुरियर करवाया था।

अलग-अलग नंबर का इस्तेमाल

आफताब इतना शातिर है कि वो कई नंबरों को इस्तेमाल करता था, उसके दो नंबरों के बारे में पुलिस को अभी तक पता चल पाया है। एक कुरियर कंपनी के बिल से और दूसरा उस फ्रिज के बिल से, जिसमें उसने श्रद्धा की हत्या करके लाश को रखा था।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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