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रोहित गोदारा-गोगी गैंग का शार्प शूटर करमवीर उर्फ काजू गिरफ्तार, गुरुग्राम क्लब ग्रेनेड अटैक केस में था वांटेड

स्पेशल सेल की टीम आरोपी की तलाश में लगातार कई राज्यों में छापेमारी कर रही थी। रोहतक, गुरुग्राम, जयपुर और हरिद्वार तक पीछा किया गया, लेकिन हर बार आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था।

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रोहित गोदारा-गोगी गैंग का शार्प शूटर करमवीर उर्फ काजू गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात शार्प शूटर करमवीर उर्फ काजू को आखिरकार पुलिस ने मल्टी-स्टेट चेज़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रोहित गोदारा–जितेंद्र गोगी गैंग का सक्रिय सदस्य है और गुरुग्राम के दो नाइट क्लबों पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में NIA को भी उसकी तलाश थी।

स्पेशल सेल की टीम आरोपी की तलाश में लगातार कई राज्यों में छापेमारी कर रही थी। रोहतक, गुरुग्राम, जयपुर और हरिद्वार तक पीछा किया गया, लेकिन हर बार आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। आखिरकार 11 मार्च 2026 की तड़के सुबह पुलिस को पुख्ता सूचना मिली और टीम ने राजस्थान के कोटपूतली स्थित एक होटल में दबिश देकर करमवीर को धर दबोचा। गिरफ्तारी के वक्त वह एक सफेद Hyundai Venue कार में था।

आरोपी के पास से एक फर्जी पासपोर्ट बरामद हुआ

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक फर्जी पासपोर्ट बरामद हुआ, जिससे वह विदेश भागने की फिराक में था। इसके अलावा जांच में दो फर्जी आधार कार्ड और एक नकली वोटर आईडी भी बरामद की गई। इन फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल वह होटल में ठहरने और मोबाइल फोन खरीदने के लिए करता था।

38 साल का करमवीर उर्फ काजू हरियाणा के झज्जर जिले का रहने वाला है और उसके खिलाफ दिल्ली व हरियाणा में हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, डकैती, धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।वह विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा का करीबी और भरोसेमंद शूटर माना जाता है। पुलिस के मुताबिक, वह लगातार गोदारा के संपर्क में था और उसी के इशारे पर वारदातों को अंजाम देता था।

एक हत्या के मामले में तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत मिली थी

करमवीर को जून 2024 में एक हत्या के मामले में तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन जमानत खत्म होने के बाद उसने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया। इसके बाद मई 2025 में कोर्ट ने उसे घोषित अपराधी, घोषित कर दिया था।पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए करमवीर नेपाल भाग गया था, जहां वह करीब एक साल तक छिपा रहा। सितंबर 2025 में भारत लौटने के बाद भी वह लगातार ठिकाने बदलता रहा और असम, गोवा, बद्दी और मुंबई जैसे शहरों में छिपता रहा।

जांच के मुताबिक, दिसंबर 2024 में करमवीर ने अपने रिश्तेदार विजय और अन्य साथियों को गुरुग्राम के दो क्लबों पर ग्रेनेड हमला करने के लिए तैयार किया था। यह हमला गैंगस्टर रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के कहने पर किया गया था, जिसका मकसद क्लब मालिकों से रंगदारी वसूलना था।इस मामले की जांच बाद में NIA को सौंपी गई, जिसने UAPA और Explosive Substances Act के तहत केस दर्ज किया।

'करमवीर की गिरफ्तारी से गैंग की बड़ी आपराधिक साजिश नाकाम हो गई'

पुलिस का कहना है कि करमवीर की गिरफ्तारी से गैंग की बड़ी आपराधिक साजिश नाकाम हो गई है। वह जल्द ही फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भागने की तैयारी में था और उसे गैंग की तरफ से नए बड़े टारगेट दिए गए थे इस मामले में स्पेशल सेल थाने में BNS और पासपोर्ट एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस गैंग से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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