क्राइम

दो साल की मासूम से दुष्कर्म और फिर हत्या... 'हैवान' को मिलेगी फांसी; दया याचिका खारिज

Mercy Petition: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र में 2012 में दो साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी व्यक्ति की दया याचिका खारिज कर दी है। अधीनस्थ अदालत ने घुमारे को दोषी ठहराते हुए 16 सितंबर, 2015 को मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद बंबई हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने सजा को बरकरार रखा।

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मासूम से दुष्कर्म के दोषी को अब मिलेगी फांसी (प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)

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Mercy Petition: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र में 2012 में दो साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी व्यक्ति की दया याचिका खारिज कर दी है। राष्ट्रपति पद पर 25 जुलाई, 2022 को आसीन होने के बाद मुर्मू द्वारा खारिज की गई यह तीसरी दया याचिका है।

सुप्रीम कोर्ट ने तीन अक्टूबर, 2019 को रवि अशोक घुमारे को दी गई मौत की सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि उसका अपनी ‘कामुक इच्छाओं’ पर कोई नियंत्रण नहीं था और उसने अपनी यौन भूख को शांत करने के लिए सभी प्राकृतिक, सामाजिक और कानूनी सीमाओं को तार-तार कर दिया था।

SC की सख्त टिप्पणी

न्यायमूर्ति सूर्यकांत (जो अब प्रधान न्यायाधीश हैं) की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने दो अनुपात एक के बहुमत से कहा कि उस व्यक्ति ने एक ऐसे जीवन को ‘‘निर्दयतापूर्वक समाप्त’’ कर दिया, जो अभी खिलना बाकी था और दो वर्षीय बच्ची से अप्राकृतिक अपराध करने का उसका कृत्य ‘‘एक गंदी और विकृत मानसिकता को दर्शाता है, जो क्रूरता की एक भयावह कहानी को प्रदर्शित करता है’’।

'हैवान' को अब मिलेगी फांसी

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी की गई दया याचिका की स्थिति के अनुसार, घुमारे की दया याचिका राष्ट्रपति ने छह नवंबर, 2025 को खारिज की। अधीनस्थ अदालत ने घुमारे को दोषी ठहराते हुए 16 सितंबर, 2015 को मौत की सजा सुनाई थी। जनवरी 2016 में बंबई हाई कोर्ट ने उसकी मौत की सजा को बरकरार रखा था।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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