क्राइम

मुजफ्फरपुर कॉल सेंटर कांड का मुख्य आरोपी गोरखपुर से अरेस्ट, पीड़िता बोली-बंधक बनाकर बेल्ट से मारते थे, कइयों के साथ हुआ यौन उत्पीड़न

Muzaffarpur Case : बताया जा रहा है कि इस कंपनी से 100 से ज्यादा लड़कियां जुड़ी हुई हैं। आशंका जताई जा रही है कि कंपनी ने इन्हें भी झांसा देकर इन्हें प्रताड़ित और इनका यौन शोषण किया होगा। लड़की की शिकायत के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है और कंपनी की जांच में जुट गया है।

Image

मुजफ्परपुर स्कैंडल का मुख्य आरोपी गोरखपुर से गिरफ्तार।

Muzaffarpur Case: बिहार के मुजफ्फरपुर में नौकरी देने का नाम पर लड़कियों को अपनी जाल में फंसाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां की डीवीआर कंपनी और उसके संचालकों, कर्मचारियों पर पीड़ित लड़की ने उसे बंधक बनाकर पीटने और अपना यौन उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद बिहार पुलिस ने यूपी तक छापे मार रही है। मामले में मुख्य अभियुक्त तिलक सिंह की गिरफ्तारी गोरखपुर से हुई है। कॉल सेंटर का काम करने वाली डीवीआर कंपनी के कार्यालय हाजीपुर, पटना, गोपालगंज, मोतिहारी और बिहार के अन्य जिलों में हैं।

100 से ज्यादा लड़कियों के साथ यौन शोषण की आशंका

बताया जा रहा है कि इस कंपनी से 100 से ज्यादा लड़कियां जुड़ी हुई हैं। आशंका जताई जा रही है कि कंपनी ने झांसा देकर इन्हें भी प्रताड़ित और इनका यौन शोषण किया होगा। लड़की की शिकायत के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है और कंपनी की जांच में जुट गया है। पीड़ित लड़की का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में बेल्ट से उसकी पिटाई देखी जा सकती थी। लड़की का आरोप है कि उन्हें फर्जी कॉल करने के लिए सिखाया जाता था। ढाई से तीन महीने बाद भी वेतन नहीं मिलने पर जब उसने सीएमडी से बात की तो उसे बताया गया कि उसे नेटवर्क में 50 से 52 लोगों को जोड़ना होगा। इसके बाद वेतन 50 हजार रुपए हो जाएंगे। लड़की का आरोप है कि तिलक सिंह ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। ट्रेनिंग के नाम पर लोगों से 20 हजार रुपए ले लिए जाते थे।

कंपनी के सभी कार्यालयों की होगी जांच

मुजफ्फरपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने कहा कि इस कंपनी की जितनी भी शाखाएं सबकी जांच की जाएगी। गोरखपुर से मुख्य अभियुक्त तिलक सिंह की गिरफ्तारी हुई है। सवाल है कि लड़कियों को झांसा देखर उन्हें अपनी जाल में फंसाने का काम कब से चल रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। पुलिस को इन सबसे परदा उठाना होगा। इस कंपनी का सीएमडी का नाम मनीष सिन्हा है। पुलिस को सभी को शिकंजे में लेकर उनसे पूछताछ करनी होगी।

फर्जी मार्केटिंग कंपनी से जुड़ा था आरोपी

पुलिस का कहना है कि मुजफ्फरपुर जिले में नौकरी दिलाने के बहाने कई युवतियों को कथित तौर पर महीनों तक बंधक बनाकर रखने और उनका यौन उत्पीड़न करने के आरोप में नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उसने बताया कि आरोपी व्यक्ति एक फर्जी मार्केटिंग कंपनी से जुड़े हुए हैं। पुलिस उपाधीक्षक विनीता सिन्हा ने कहा, 'सभी नौ आरोपी फरार हैं और पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए उनकी तलाश शुरू कर दी है। एक अदालत के निर्देश के बाद मामला दर्ज किया गया है।'

उन्होंने कहा, पीड़ित युवतियों में से एक ने अदालत में नौ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा, "आरोपियों ने पीड़ित युवतियों को बंधक बना लिया था।" पीड़िता ने कहा कि पुलिस ने शुरू में उसकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया और इस वजह से उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सिन्हा ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी कि पुलिस ने पहले उनकी शिकायत क्यों नहीं दर्ज की।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article