क्राइम

ऐसे बचेंगी बेटियां? तीन साल में 13 लाख से अधिक लड़कियां-औरतें हुईं गायब, MP-दिल्ली के 'हालत सबसे खराब'

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jul 30, 2023, 05:32 PM IST

Crimes against Women: संसद में बीते हफ्ते पेश किए गए गृह मंत्रालय के डेटा (डेटा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की ओर से संकलित) के मुताबिक, देश भर में 2019 और 2021 के बीच 18 साल से अधिक उम्र की 10,61,648 महिलाएं और उससे कम उम्र की 2,51,430 लड़कियां लापता हो गई थीं।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : iStock

Crimes against Women: देश में महिला सुरक्षा को लेकर भले ही बड़े-बड़े ही दावे किए जाते हों, मगर तीन साल में 13 लाख से अधिक लड़कियां और महिलाएं देश में गायब हो गईं। रविवार (30 जुलाई, 2023) को यह जानकारी सरकारी डेटा के जरिए सामने आई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया, "साल 2019 और साल 2021 के बीच देश में 13.13 लाख से अधिक लड़कियां और महिलाएं लापता हुईं, जिनमें से अधिकतर मध्य प्रदेश से हैं और फिर उसके बाद पश्चिम बंगाल (इस मामले में दूसरे नंबर पर) से हैं।

संसद में बीते हफ्ते पेश किए गए गृह मंत्रालय के डेटा (डेटा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की ओर से संकलित) के मुताबिक, देश भर में 2019 और 2021 के बीच 18 साल से अधिक उम्र की 10,61,648 महिलाएं और उससे कम उम्र की 2,51,430 लड़कियां लापता हो गई थीं।

आंकड़ों के अनुसार, म.प्र में 2019-2021 के बीच 1,60,180 महिलाएं और 38,234 लड़कियां लापता हुईं, जबकि इसी अवधि में बंगाल से कुल 1,56,905 महिलाएं और 36,606 लड़कियां लापता हो गईं थी। इस बीच, महाराष्ट्र में 1,78,400 महिलाएं और 13,033 लड़कियां लापता हुईं। यही नहीं, ओडिशा में तीन साल में 70,222 महिलाएं और 16,649 लड़कियां लापता हुईं और इसी समयकाल में छत्तीसगढ़ से 49,116 महिलाएं और 10,817 लड़कियां गायब हुई थीं।

वहीं, केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली में लड़कियों और महिलाओं के लापता होने की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी में 2019 और 2021 के बीच 61,054 महिलाएं और 22,919 लड़कियां लापता हो गईं व जम्मू-कश्मीर में इसी अवधि में 8,617 महिलाएं और 1,148 लड़कियां लापता हुई थीं।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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