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न लड़की नाबालिग थी और न संबंध जबरदस्ती था- महाराष्ट्र कोर्ट में खारिज हो गया POCSO केस, यूपी आ गई थी लड़की

POCSO Case: महाराष्ट्र में एक फर्जी पॉक्सो केस सामने आया है। जहां परिवार को जब बेटी का प्रेम मंजूर नहीं हुआ तो दामाद के खिलाफ ही रेप और अपहरण का केस दर्ज करवा दिया।

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पालघर कोर्ट में पॉक्सो केस खारिज (प्रतीकात्मक फोटो- Canva)

POCSO Case: महाराष्ट्र की अदालत ने एक पॉक्सो के मामले को खारिज करते हुए कहा कि केस में न तो लड़की नाबालिग थी और न ही आरोपी ने उसका रेप किया था। मामला प्रेम संबंध का था, जिसे रेप केस में बदल दिया गया और नाबालिग बताकर लड़के के खिलाफ पॉक्सो एक्ट लगवा दिया गया।

आपसी सहमति से था रिश्ता

महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने एक लड़की के अपहरण और उससे दुष्कर्म के आरोपी 26 वर्षीय व्यक्ति को इस आधार पर बरी कर दिया कि उनके बीच का रिश्ता आपसी सहमति से था और लड़की नाबालिग नहीं, बल्कि बालिग थी। विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश प्रेमल एस विठलानी ने 29 अगस्त को पारित अपने आदेश में कहा कि आरोपी और पीड़िता के बीच प्रेम संबंध थे। इस आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध कराई गई।

परिवार ने किया था अपहरण और रेप का दावा

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि 14 जून 2019 को युवक ने ठाणे की रहने वाली लड़की का अपहरण कर लिया था। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि उस समय लड़की की उम्र 17 वर्ष थी। उनके अनुसार इसके बाद आरोपी उसे उत्तर प्रदेश ले गया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। बाद में लड़की गर्भवती हो गई और फरवरी 2021 में उसने एक बच्चे को जन्म दिया।

भारतीय दंड संहिता (भादंसं) और बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। बचाव पक्ष के वकील ने अभियोजन पक्ष के मामले में कई खामियां उजागर कीं।

अपनी मर्जी से गई थी यूपी

दोनों पक्षों को सुनने के बाद, अदालत ने कहा कि सबूतों से यह स्पष्ट रूप से पता चलता है कि पीड़िता अपनी मर्जी से आरोपी के साथ उत्तर प्रदेश गई थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा, ’’...रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से इस बात में कोई संदेह नहीं बचता है कि पीड़िता और आरोपी के बीच प्रेम संबंध था।’’

शादी के खिलाफ थे परिवार वाले

अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि पीड़िता के माता-पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे और उसके लिए वर की तलाश कर रहे थे। अदालत ने कहा कि लड़की खुद अपनी मर्जी से आरोपी के साथ उत्तर प्रदेश गई थी। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री को देखने से यह स्पष्ट होता है कि पीड़िता के बालिग होने के बाद, उसकी और आरोपी की शादी संपन्न हुई और उसके बाद उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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