Satya Niketan collapse: सत्या निकेतन में एक पेइंग गेस्ट इमारत के ढहने से हुई सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्शन मोड में आ गया है। MCD ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी 12 जोनों में खतरनाक इमारतों, अनधिकृत निर्माण और बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अपना डिमोलिशन अभियान गुरुवार को भी जारी रखा। निगम की टीमों ने लक्ष्मी नगर, जगतपुरी और पांडव नगर जैसे इलाकों में नियमों का उल्लंघन करके बनाई गई संरचनाओं पर बुलडोजर चलाया और उन्हें ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, पिछले दो-तीन दिनों के भीतर विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोल बाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
7 से 9 सितंबर के बीच 1,252 PG इमारतों का निरीक्षण
MCD ने 6 सितंबर को सत्या निकेतन में ढही इमारत से सटी दूसरी खतरनाक इमारत को भी नियंत्रित तरीके से गिराने का काम फिर से शुरू कर दिया है, ताकि आसपास कोई अन्य हादसा न हो। हादसे के बाद शुरू किए गए सुरक्षा आकलन अभियान के तहत, MCD ने 7 से 9 सितंबर के बीच शहर की 1,252 PG इमारतों का निरीक्षण किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 9 सितंबर के बीच निगम ने पूरे शहर में 1,053 विध्वंस की कार्रवाइयां की हैं, 491 संपत्तियों को सील किया है, और 2,316 कारण बताओ नोटिस के साथ 757 डिमोलिशन नोटिस जारी किए हैं।
सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत
6 सितंबर को दक्षिण दिल्ली के सत्या निकेतन इलाके में एक 3-4 मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत अचानक ढह गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कम से कम 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि इमारत काफी पुरानी थी और उसमें नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण और नवीनीकरण का काम कराया जा रहा था, जिससे इमारत का ढांचा कमजोर हो गया।
MCD पर उठा सवाल और कार्रवाई
इस हादसे के बाद दिल्ली में चल रहे अवैध निर्माण और कमर्शियल रूप से चलाए जा रहे असुरक्षित PG हॉस्टलों पर गंभीर सवाल उठे। इसके जवाब में MCD ने पूरी दिल्ली में बिना मंजूरी बनी, नियमों का उल्लंघन करने वाली और जर्जर इमारतों को चिह्नित कर उन्हें सील व ध्वस्त करने का यह व्यापक अभियान शुरू किया है।
प्रभावित क्षेत्रों में सख्त एक्शन
लक्ष्मी नगर, जगतपुरी, पांडव नगर, विश्वास नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोल बाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन और चांदनी चौक में कार्रवाई की जा रही है। वहीं, सत्या निकेतन में नियंत्रित डिमोलिशन: हादसे वाली इमारत से सटी जिस दूसरी इमारत में दरारें आ गई थीं, उसे आसपास के मकानों को नुकसान पहुंचाए बिना नियंत्रित तरीके से ध्वस्त किया जा रहा है।
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों और जन-प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि MCD के क्षेत्रीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से कमर्शियल PG और असुरक्षित निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे हैं। MCD अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में बिना स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट के चल रही जर्जर इमारतों को चिह्नित कर उन्हें खाली कराने और अवैध रूप से बेसमेंट या अतिरिक्त मंजिलें बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
