Mafia Atique Ahmed Crime List: माफिया अतीक अहमद (Mafia Atique Ahmed) का नाम कभी सत्ता के गलियारों में गूंजता था लेकिन उसके अपराधों का कच्चा चिट्ठा धीरे-धीरे सामने आ रहा है और उसका नाम हाल ही में प्रयागराज (Prayagraj) के बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड (Umesh Pal Murder) में सामने आया है, उधर यूपी पुलिस (UP Police) उसके गुनाहों की फेहरिस्त बनाने में जुटी है।
यूपी के सीएम योगी (CM Yogi) ने माफिया अतीक अहमद (Atique Ahmed) को मिट्टी में मिलाने की जो कसम खाई थी वो लगता है अब पूरी होने वाली है, क्योंकि यूपी पुलिस के हाथ अतीक और उसकी फैमिली के खिलाफ एक ऐसा 'क्राइम रजिस्टर' हाथ लगा है। जिसमें अतीक के हर गुनाह के राज लिखे हैं वहीं जब वो खुलेगा तो सबका ठिकाना जेल होगा !
उमेश पाल की किडनैपिंग मामले में अतीक को उम्रकैद
गौर हो कि हाल ही में बाहुबली अतीक अहमद फिर से साबरमती जेल पहुंच चुका है और वो बन चुका है कैदी नंबर 17052,अतीक को उमेश पाल किडनैपिंग केस में उमकैद की सजा सुनाई गई है। बता दें कि जिस उमेश पाल की किडनैपिंग मामले में अतीक को उम्रकैद हुई है उसी उमेश पाल की 24 फरवरी को प्रयागराज में दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी।
अतीक 25 रु दिन के हिसाब से मजदूरी कर रहा है
उमेश पाल की हत्या में भी अतीक और उसके गैंग का नाम आ रहा है, अब अतीक अहमद के बुरे दिन आ गए हैं उसका बुरा काल शुरू हो चुका है। कभी अरबों की संपत्ति का मालिक अतीक को जेल में दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ रही है वो भी महज 25 रु दिन पर, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अतीक 25 रु दिन के हिसाब से मजदूरी करने लगा है।
अतीक के भाई को सहूलियत देने के आरोप में बरेली जेल अधीक्षक निलंबित
उत्तर प्रदेश के बरेली जिला जेल में माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के भाई तथा पूर्व विधायक अशरफ से अपराधियों की नियम विरूद्ध मुलाकात कराने और सहूलियत देने के आरोप में जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला को निलंबित किया गया है। कारा उप महानिरीक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला को निलंबित किया गया है। इससे पहले जेलर राजीव कुमार मिश्रा, मुलाकात अधिकारी डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह और पांच वार्डरों को निलंबित कर दिया गया था। इनमें से दो वार्डर गिरफ्तार हो चुके हैं।
बिथरी चैनपुर थाने में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज
इससे पहले अशरफ से बिना पर्ची शूटरों और गुर्गो की मुलाकात कराने के मामले में बिथरी चैनपुर थाने में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज की गयी थी।पुलिस सूत्रों ने बताया कि उमेश पाल हत्याकांड की जांच में यह बात सामने आयी कि बरेली जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ ने भी साजिश रची और अपराधियों से मिलकर उसे अमलीजामा पहनाने में भूमिका निभाई।
