Ludhiana court blast: लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट के आरोपी हरप्रीत सिंह को एनआईए ने गिरफ्तार किया है। हरप्रीत सिंह को भगोड़ा घोषित किया गया था। उसकी गिरफ्तारी दिल्ली में हुई जब लो क्वलालंपुर से दिल्ली आया था। एनआईए के मुताबिक हरप्रीत सिंह पाकिस्तान स्थित इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के मुखिया लखबीर सिंह रोड का सहयोगी है। 2021 में लुधियाना कोर्ट में धमाके के लिए रोड के अलावा हरप्रीत सिंह भी जिम्मेदार है। बता दें कि कोर्ट में हुए धमाके में एक की मौत और कई लोग घायल हो गए थे।
हरप्रीत सिंह का पाकिस्तान से कनेक्शन
एनआईए का कहना है कि लखबीर सिंह रोड के निर्देश पर हरप्रीत मे कस्टम मेड आईईडी की डिलिवरी के लिए काम किया। आईईडी को पाकिस्तान से भारत भेजा गया था। और उसे लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट में इस्तेमाल में लाया गया था।एनआईए ने भगोड़े आतंकी हरप्रीत सिंह पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।पिछले साल लुधियाना कोर्ट परिसर में 23 दिसंबर को हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हो गए थे।एनआईए ने प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के सदस्य जर्मनी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 24 अप्रैल को दर्ज चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल आईईडी प्लांटिंग मामले में भी मुल्तानी की संलिप्तता पाई गई थी।
तस्करी के जरिए लाए गए थे हथियार
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि लुधियाना विस्फोट में इस्तेमाल आईईडी पाकिस्तान से तस्करी कर लाया गया था और एक ड्रोन द्वारा गिराया गया था।धमाके से महज दो दिन पहले दिलबाग सिंह को आईईडी मिला था। उसने बम सुरमुख सिंह को सौंप दिया, जिसने इसे आगे गगनदीप सिंह को दे दिया, जो आईईडी लगाते समय विस्फोट में मारा गया था। गगनदीप सिंह पंजाब पुलिस के एक सिपाही थे जिन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।आरोपी दिलबाग और सविंदर दोनों का आपराधिक इतिहास है और उन पर पूर्व में नशीले पदार्थों की तस्करी का भी मामला दर्ज था। पुलिस ने दिलबाग सिंह के पास से दो पाकिस्तानी सिम कार्ड भी बरामद किए हैं।
