क्राइम

वो मेरी पसंद थी, इसलिए गोली मार दी; शादी तय होने पर आशिक ने युवती को पिता के सामने मार डाला

यूपी के बिजनौर में सिरफिरे आशिक ने पिता और बहन के सामने युवती की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करते हुए आरोपी ने कहा कि वह उसे पसंद करता था, लेकिन वो किसी और से शादी करने जा रही थी।

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(सांकेतिक फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र स्थित बढ़ापुर गांव के पास अपने पिता के साथ बाइक से जा रही एक युवती की रविवार को गोली मारकर हत्या कर दी गयी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी शिवांग त्यागी ने बाद में तमंचे के साथ थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। उसने पुलिस के सामने जुर्म कबूल करते हुए कहा कि वह युवती को पसंद करता था, लेकिन उसकी शादी किसी और के साथ तय हो गई थी। लिहाजा, उसने गोली मार दी। एएसपी संजीव वाजपेयी ने बताया कि करौंदा चौधरी गांव के वेदप्रकाश शर्मा अपनी बेटियों भावना (25) और आकांक्षा के साथ बाइक से नगीना जा रहे थे।

अधिकारी ने बताया कि बढ़ापुर गांव के पास पहले से उनका इंतजार कर रहे उसी गांव के शिवांग त्यागी ने भावना को तमंचे से गोली मार दी। नके मुताबिक, वेदप्रकाश शर्मा अपनी घायल बेटी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

युवती को पसंद करता था आरोपी

इस बीच, शिवांग त्यागी ने कोतवाली देहात थाने में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और अपराध में इस्तेमाल तमंचा पुलिस को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार, शिवांग ने भावना को गोली मारने की बात कबूल की है और कहा है कि वे दोनों साथ में पढ़ते थे और वह उसे पसंद करता था। उसने कहा कि भावना की एक मई को शादी होने वाली थी, इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी। वो किसी और का नहीं होने देना चाहता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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