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कानपुर रेप केस : रात 10 बजे लड़की को उठा ले गए जंगल, 2 घंटे तक करते रहे गंदा काम; नप गए ACP-दारोगा साहब!

कक्षा सात की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाली छात्रा को सोमवार रात करीब 10 बजे अगवा कर एक कार से रेलवे पटरी के पास एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उसके साथ करीब दो घंटे तक कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया और फिर उसे बेहोश हालत में उसके घर के बाहर छोड़ दिया गया।

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कानपुर रेप केस (सांकेतिक फोटो-Istock)

कानपुर : सचेंडी इलाके में 14 वर्षीय लड़की के कथित अपहरण और सामूहिक बलात्कार के मामले में दो और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि पनकी के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) शिखर को रिजर्व पुलिस लाइंस से संबद्ध कर दिया है और भीमसेन पुलिस चौकी प्रभारी दिनेश कुमार को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। लाल ने बताया कि पुलिस ने मामले में फरार उप निरीक्षक (एसआई) अमित कुमार मौर्य की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले को 50,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

इससे पहले कथित लापरवाही और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के आरोप में पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दिनेश त्रिपाठी को हटाया गया था और सचेंडी थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) विक्रम सिंह को निलंबित किया गया था। पुलिस आयुक्त ने बताया कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर लापरवाही के दोषी पाए गए सभी अधिकारियों को गैर-जिला क्षेत्र (नॉन-डीएफ) पदों पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने इस कदम को उदाहरण पेश करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया है।

घटना के चार दिन बाद शुक्रवार को पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कार्यवाही लगभग 30 मिनट तक चली। अधिकारी ने बताया कि इससे एक दिन पहले, अदालत ने पुलिस को फटकार लगाई थी क्योंकि पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम (पाक्सो) के प्रावधानों को लागू नहीं किया था। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में बाद में अधिनियम की संबंधित धाराओं को शामिल करने के लिए संशोधन किया गया।

बयान दर्ज करने के बाद, नाबालिग को उसके भाई के साथ घर भेज दिया गया और पुलिस ने परिवार को सुरक्षा प्रदान की। पुलिस आयुक्त ने पीटीआई-भाषा को बताया कि फरार पुलिस अधिकारी का पता लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में चार टीम गठित की गई हैं। गोरखपुर समेत कई स्थानों पर छापेमारी की गई। यह आरोप भी सामने आए हैं कि स्थानीय पुलिस स्तर पर देरी और लापरवाही ने आरोपियों को भागने के लिए पर्याप्त समय दिया। इससे पहले, बुधवार को पुलिस ने स्थानीय यूट्यूबर शिवबरन यादव को गिरफ्तार किया था जबकि अमित कुमार मौर्य फरार हो गया।

छात्रा को अगवा कर रेप

प्राथमिकी के अनुसार, कक्षा सात की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाली छात्रा को सोमवार रात करीब 10 बजे अगवा कर एक कार से रेलवे पटरी के पास एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उसके साथ करीब दो घंटे तक कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया और फिर उसे बेहोश हालत में उसके घर के बाहर छोड़ दिया गया। अपराध में इस्तेमाल की गई एसयूवी, जो मौर्या के नाम पर पंजीकृत है, जब्त कर ली गई है। पुलिस जांच में पता चला कि बिठूर पुलिस थाने में तैनात होने के बावजूद मौर्य घटना के समय सचेंडी में मौजूद था। पीड़िता के परिवार ने पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि एक पुलिसकर्मी की संलिप्तता का जिक्र करने पर उन्हें शुरू में वापस भेज दिया गया था। जांच अब एडीसीपी (पश्चिम) कपिल देव सिंह को सौंप दी गई है, जबकि दीनानाथ मिश्रा को सचेंडी पुलिस थाने का प्रभार दिया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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