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Jonestown Massacre: जब एक धर्मगुरु के कहने पर एक साथ 918 लोगों ने दी थी जान! जानें पूरी कहानी

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 12, 2022, 06:07 PM IST

Jonestown Massacre: दक्षिण अमेरिका के गुयाना में तब 918 व्यक्तियों ने एक धर्मगुरु के इशारे पर आत्महत्या कर ली थी। इनमें से कुछ लोगों ने विरोध किया था, लेकिन वो भी इसके चंगुल से बच नहीं पाए थे। इस घटना से तब पूरी दुनिया हिल गई थी। इस घटना में धर्मगुरु ने भी अपने आप को मार डाला था।

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1978 में हुआ था जोनेसटाउन सामूहिक आत्महत्या कांड (प्रतीकात्मक फोटो- @pixabay)

KEY HIGHLIGHTS
  • अनुयायियों पर धर्मगुरु करता था अत्याचार
  • असलियत सामने आने पर सांसद की कर दी थी हत्या
  • अंगूर के जूस में मिलाया था सायनाइड

Jonestown Massacre: साल 1978, तारीख 18 नवंबर... दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना के इतिहास का वो काला दिन, जिसे देश में भूलना हर कोई चाहता है, लेकिन इसके खौफनाक मंजर इसे भूलने नहीं देते हैं। इस दिन शायद दुनिया के इतिहास में सबसे ज्यादा एक साथ 918 लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। ये सब हुआ था एक धर्मगुरु के कारण, जिसने अमेरिकी सेना के डर से अपने भक्तों को मरने के लिए उकसाया था।

कहां से शुरू हुआ खेल

इस आत्महत्या के पीछे जिस शख्स का दिमाग था, वो था जिम जॉन्स। जिम जॉन्स बचपन से ही फेमस होना चाहता है और इसका सबसे आसान रास्ता था धर्मगुरु बन जाना। अमेरिका में पैदा हुआ जॉन्स बड़ा होने पर पहले पादरी बना, इसके बाद वो धीरे-धीरे अपना साम्राज्य जमाना शुरू कर दिया। बातों को ऐसे घूमाता कि लोग उसके पास अपने आप खींचे चले आते। 1956 तक आते-आते उसने खुद को भगवान घोषित कर दिया। इसी समय उसने इंडियानापोलिस में 'पीपल्स टेंपल' नाम का चर्च खोला। धीरे-धीरे उसके अनुयायी बढ़नने लगे। लोगों को डराता, धमकाता, बहलाता, फुसलाता मतलब जितने तरीके उसे आते थे, उसने सबका इस्तेमाल अपने धर्म के धंधे को बढ़ाने में किया।

अमेरिका से भागा

1965 तक जॉन्स कैलिफोर्निया आ गया। सैन फ्रांसिस्को में अपना मुख्यालय बनाया। यहां आकर वो और शक्तिशाली हो गया। राजनीति में पैठ बना ली। पावर से सांठगांठ होने के बाद उसने अपना असली रंग दिखाने लगा। गलत काम में शामिल होने लगा। उसके चर्च में गलत चीजें होने लगीं। इसके बाद अमेरिकी सरकार हरकत में आई और वो वहां से अपना बोरिया बिस्तर समेट कर गुयाना पहुंच गया।

गुयाना में बसा लिया शहर

अमेरिका से गुयाना जब जिम जॉन्स पहुंचा तो उसने सरकार से हासिल किए हुए जमीन पर पूरा एक शहर 'जॉन्सटाउन' ही बना डाला। यहां पर वो अपने अनुयायियों के साथ रहने लगा। बाहर से यह शहर तो ठीक दिखता था, लेकिन अंदर जॉन्स अपने अनुयायियों पर अत्याचार करता था, उनसे घंटों काम करवाता, सोने नहीं देता, बच्चों को मिलने नहीं देता, गार्ड्स का सख्त पहरा रखता। इन सबके बावजूद किसी तरह से उसके कारनामों की भनक एक अमेरिकी सांसद को हो गई।

सांसद को मारा और फिर करवा दी सामूहिक आत्महत्या

सांसद जब उसके शहर का दौरे करने पहुंचे और असलियत जब सामने आ गई तो उसने उस अमेरिकी सांसद को भी मार डाला। इसके बाद जब उसे लगा कि अब अमेरिका उसे छोड़ेगा नहीं तो उसने अपने अनुयायियों से कहा कि सेना के हाथों मरने से अच्छा है कि खुद मर जाएं, इससे इतिहास बन जाएगा। इसके बाद उसने सभी अनुयायियों को बुलाया और सायनाइड मिले हुए अंगूर के जूस को सभी को पीने को कहा, खुद भी उसने जहर पी लिया। इस तरह इस कथित स्वयंभू भगवान ने 918 लोगों की जान ले ली, जिसमें 300 के आसपास बच्चे भी शामिल थे।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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