क्राइम

प्रेमी बना दरिंदा! चार दोस्तों के साथ मिलकर लड़की को बनाया गैंगरेप का शिकार; तीन नाबालिग समेत पांच गिरफ्तार

Jharkhand Crime: झारखंड की राजधानी रांची में इंसानियत का गला घोंटने वाली वारदात को अंजाम दिया गया। जहां दरिंदों ने एक लड़की को सामूहिक बलात्कार का शिकार बनाया। इस घटना के बाद पुलिस ने तीन नाबालिगों समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया है। ये घटना रात के करीब 11 बजे की बताई जा रही है।

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रांची में लड़की के साथ गैंगरेप की वारदात। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Ranchi: झारखंड के रांची जिले में एक लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया और इस सिलसिले में तीन नाबालिगों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी पुलिस ने शनिवार को दी।

नाबालिग प्रेमी अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर किया गैंगरेप

पुलिस के एक बयान के अनुसार, यह घटना सात मई को रात करीब 11 बजे रांची शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर चान्हो पुलिस थानाक्षेत्र में हुई। पुलिस के बयान में कहा गया है कि लड़की ने शिकायत दर्ज करायी है कि उसका नाबालिग प्रेमी अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर उसे मोटरसाइकिल से एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां उन्होंने उसके साथ बलात्कार किया।

सभी पांच आरोपियों को पुलिस ने कर लिया गिरफ्तार

इसमें कहा गया है कि शिकायत के आधार पर आठ मई को थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। बयान में कहा गया है कि पुलिस की एक टीम गठित की गई है और सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

विज्ञप्ति में बताया गया कि उनके कब्जे से तीन मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। इसमें कहा गया है कि पांच आरोपियों में से दो को जेल भेज दिया गया है, जबकि तीन नाबालिगों को किशोर सुधार गृह में रखा गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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