क्राइम

Motihari Crime: पिता ने रचाया दूसरा ब्याह, बेटे के सिर खून हुआ सवार; बाप और सौतेली मां को दी दर्दनाक मौत

बिहार के मोतिहारी में पिता की दूसरी शादी से खफा बेटे ने बाप और सौतेली मां की हत्या कर दी। आरोपी बेटे ने बैट से दोनों को पीट-पीटकर मौत की नींद सुला दी।

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(सांकेतिक फोटो)

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को दूसरी शादी करने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। पिता की दूसरी शादी से नाराज उसके बच्चों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, घटना चकिया थाना क्षेत्र के हताहरपुर की है जहां एक दंपति को बैट और बांस से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उसके ही बेटे, बहू और बहन पर लगा है। इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक की पहचान भगवान शाह (52) और उनकी पत्नी के रूप में हुई है।

मक्के के खेत में फेंका सौतेली मां का शव

बताया गया कि भगवान शाह की पहली पत्नी की दो साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसने छह से सात महीने पहले दूसरी शादी की थी, जिससे उसके परिजन नाराज थे। पुलिस के मुताबिक, बुधवार की रात भगवान शाह और उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई। भगवान शाह का शव उनके घर के दरवाजे के पास से बरामद किया गया है जबकि उनकी पत्नी का शव घर के पीछे मक्के के खेत से मिला है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है तथा सभी कोणों से मामले की जांच की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में मृतक के पुत्र अभिषेक कुमार, उसकी पत्नी और उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया हत्या का कारण सौतेली मां से नाराजगी की बात सामने आ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का सही पता चल सकेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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