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Boss Scam: सावधान! कंपनियों के 'बॉस' के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे साइबर ठग, SEBI का अलर्ट

'Boss Scam' धोखाधड़ी के तहत साइबर ठग ईमेल, व्हाट्सऐप, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स और अन्य सोशल मीडिया मंचों के जरिए फर्जी संदेश या कॉल कर कंपनी के वित्त या लेखा कर्मचारियों को तुरंत पैसे भेजने के निर्देश देते हैं।

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साइबर धोखाधड़ी का एक नया तरीका 'बॉस स्कैम' (AI Image)

बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को साइबर धोखाधड़ी के एक नए तरीके 'बॉस स्कैम' को लेकर सतर्क किया। इस फर्जीवाड़े में ठग खुद को कंपनी के सीईओ, एमडी या वरिष्ठ अधिकारी बताकर कर्मचारियों को पैसे 'ट्रांसफर' करने का निर्देश देते हैं।भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कहा कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने साइबर धोखाधड़ी के ऐसे मामलों में बढ़ोतरी को लेकर आगाह किया है।

'बॉस स्कैम' धोखाधड़ी के तहत साइबर ठग ईमेल, व्हाट्सऐप, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स और अन्य सोशल मीडिया मंचों के जरिए फर्जी संदेश या कॉल कर कंपनी के वित्त या लेखा कर्मचारियों को तुरंत पैसे भेजने के निर्देश देते हैं।नियामक ने बताया कि अब ठग कृत्रिम मेधा (एआई) क्षमता का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। वे आवाज की नकल (वॉयस क्लोनिंग) और डीपफेक वीडियो कॉल के जरिए खुद को असली अधिकारी जैसा दिखाने की कोशिश करते हैं, जिससे धोखा पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है।

साइबर ठग 'जिप' फाइल भेजकर भी लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं

इसके अलावा, साइबर ठग 'जिप' फाइल भेजकर भी लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। इन फाइल में खतरनाक सॉफ्टवेयर होता है। जैसे ही इसे कंप्यूटर पर खोला जाता है, यह व्हाट्सऐप वेब अकाउंट को हैक कर लेता है और उसी के जरिए कर्मचारियों को फर्जी भुगतान निर्देश भेजे जाते हैं।

फोन में छेड़छाड़ कर अपने नंबर को कंपनी के CEO या MD के नाम से लिख देते हैं

सेबी ने कहा कि कुछ मामलों में साइबर अपराधी हैक किए गए फोन में छेड़छाड़ कर अपने नंबर को कंपनी के सीईओ या एमडी के नाम से लिख देते हैं, ताकि कर्मचारी बिना शक किए पैसे भेज दें।

केवल सोशल मीडिया या मैसेज के आधार पर पैसे ट्रांसफर न करें

कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के नाम पर की जाने वाली इन धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए सेबी ने कंपनियों को सलाह दी है कि वे किसी भी वित्तीय निर्देश को सीधे संबंधित वरिष्ठ अधिकारी से फोन पर पुष्टि किए बिना लागू न करें। साथ ही, केवल सोशल मीडिया या मैसेज के आधार पर पैसे ट्रांसफर न करें और किसी भी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड करने से बचें।

व्हाट्सऐप वेब के निष्क्रिय सत्रों को तुरंत लॉगआउट करें

नियामक ने यह भी कहा कि व्हाट्सऐप वेब के निष्क्रिय सत्रों को तुरंत लॉगआउट करें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की घटना होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या 'साइबर क्राइम' पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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