ED की बड़ी कार्रवाई, 'क्लाउड पार्टिकल स्कैम' में 19.10 करोड़ की संपत्ति अटैच
- Authored by: अनुज मिश्रा
- Updated Feb 4, 2026, 09:25 PM IST
Money Scam: प्रवर्तन निदेशालय ने यह जांच नोएडा पुलिस और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की थी।
प्रवर्तन निदेशालय (फाइल फोटो)
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जालंधर जोनल टीम ने वीऊनाउ (Vuenow) ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 30 जनवरी 2026 को 19.10 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई PMLA, 2002 के तहत की गई है।
ED ने यह जांच नोएडा पुलिस और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि वीऊनाउ ग्रुप के CEO और फाउंडर सुखविंदर सिंह खरौर ने अपने साथियों के साथ मिलकर हजारों करोड़ रुपये का 'क्लाउड पार्टिकल स्कैम' रचा।
कैसे हुआ घोटाला?
जांच में पता चला कि 'क्लाउड पार्टिकल' के नाम पर सेल एंड लीज बैक (SLB) मॉडल दिखाया गया, लेकिन असल में यह कारोबार मौजूद ही नहीं था या फिर उसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया। निवेशकों को किराये (रेंट) के नाम पर पैसे लौटाने का दावा किया गया, जबकि डेटा सेंटर से कोई खास कमाई नहीं हो रही थी। पूरा सिस्टम पैसे घुमाने (मनी रोटेशन) का खेल निकला।
निवेशकों से 3700 करोड़ जुटाए
ED के मुताबिक, निवेशकों से करीब 3700 करोड़ रुपये जुटाए गए। इसमें से लगभग 1800 करोड़ रुपये रेंट के नाम पर वापस किए गए, जबकि बाकी पैसा यानी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (POC) को दूसरे कामों में लगाया गया। यह रकम भारी कमीशन, महंगी गाड़ियां, सोना-हीरे, शेल कंपनियों के जरिए फंड ट्रांसफर और प्रॉपर्टी में निवेश में खर्च की गई।
किसकी संपत्ति अटैच हुई?
ताज़ा कार्रवाई में 19.10 करोड़ रुपये की संपत्ति चिन्हित की गई है, जिसमें जमीन-जायदाद, फिक्स्ड डिपॉजिट और शेयर होल्डिंग शामिल हैं। ये संपत्तियां सुखविंदर सिंह खरौर, वीऊनाउ इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड, नितिन श्रीवास्तव व उनकी पत्नी रुचि श्रीवास्तव, और कंपनी के अकाउंटेंट विजय झा के परिवार के नाम पाई गई हैं। शेयर होल्डिंग सुखविंदर सिंह खरौर और डिंपल खरौर के नाम पर है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
ED इससे पहले 06 फरवरी 2025 को 178.12 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है। इसके अलावा 14 अगस्त 2025 को हुई छापेमारी में 73.72 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए थे।
गिरफ्तारी और कोर्ट में मामला
इस केस में सुखविंदर सिंह खरौर और डिंपल खरौर को 28 फरवरी 2025 को, जबकि आरिफ निसार को 24 फरवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल सभी न्यायिक हिरासत में हैं। ED ने इनके खिलाफ 24 अप्रैल 2025 को PMLA की विशेष अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दाखिल कर दी है।