ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में स्थित फ्लैट और प्लॉट समेत 69.84 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह मामला एम/एस पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड (PAL) से जुड़े बैंक फ्रॉड से जुड़ा है।
ED के मुताबिक, ये संपत्तियां कमलेश कनुंगो, उनके परिवार के सदस्यों और उनकी ओर से नियंत्रित कंपनियों के नाम पर हैं। जांच की शुरुआत, CBI की आर्थिक अपराध शाखा (EOB), मुंबई द्वारा दर्ज FIR के आधार पर हुई थी। इस केस में PAL, इसके प्रमोटर स्वर्गीय अमिताभ अरुण पारेख, कमलेश कनुंगो और अन्य लोगों पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
कैसे हुआ घोटाला?
जांच में सामने आया है कि PAL ने बैंकों के कंसोर्टियम से फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए स्टॉक व देनदारों के दस्तावेज देकर भारी-भरकम लोन लिया। बाद में ये लोन खाते करीब 2296 करोड़ रुपये की राशि के साथ NPA घोषित हो गए। इससे इंडियन ओवरसीज बैंक के नेतृत्व वाले 17 बैंकों को भारी नुकसान हुआ।
ईडी का कहना है कि इस घोटाले से जुड़े पैसों का सबसे बड़ा फायदा कमलेश कनुंगो को मिला। उन्होंने करीब 1270 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (Proceeds of Crime) का इस्तेमाल किया, जो कुल घोटाले की रकम का बड़ा हिस्सा है।
पहले भी हो चुकी है कुर्की
इससे पहले ईडी इस मामले में करीब 205 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है और 2020 में मुंबई की विशेष PMLA कोर्ट में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की गई थी, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है।
जांच में यह भी सामने आया कि कनुंगो ने कीर्ति केडिया से जुड़ी 5 कंपनियों को अपने नियंत्रण में लेकर करीब 355 करोड़ रुपये की अवैध रकम का फायदा उठाया। इस मामले में 20 जून 2025 को भी 218 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया गया था।
अब तक कितनी संपत्ति की अटैच
इस कार्रवाई के बाद अब तक ED ने कमलेश कनुंगो, उनकी पत्नी डिंपल कनुंगो और उनसे जुड़ी कंपनियों की कुल 493 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह पूरी कार्रवाई 2296 करोड़ रुपये के कुल घोटाले की रकम की वसूली के तहत की जा रही है। ED ने साफ किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।
