क्राइम

दिल्ली-मुंबई में ED की बड़ी कार्रवाई, नकली वेबसाइट और फर्जी सौदों का भंडाफोड़, संदीपा विरक गिरफ्तार

ED की जांच पंजाब के मोहाली के फेज-8 थाने में दर्ज एक FIR से शुरू हुई थी, जिसमें IPC की धारा 406 और 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।

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प्रतीकात्मक फोटो (istock)

दिल्ली और मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। ये पूरी कार्रवाई PMLA के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। मामला है संदीपा विरक और उनके साथियों का, जिन पर आरोप है कि इन्होंने झूठे वादों और फर्जी सौदों के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए। जांच में बड़ा खुलासा हुआ संदीपा विरक खुद को hyboocare.com नाम की वेबसाइट की मालिक बताती थीं। जो कहने को तो FDA अप्रूव्ड ब्यूटी प्रोडक्ट बेचती थी लेकिन हकीकत में ये प्रोडक्ट्स नकली निकले। वेबसाइट पर न सही तरीके से रजिस्ट्रेशन हो सकता है, न पेमेंट गेटवे चलता है। सोशल मीडिया पर भी कोई खास मौजूदगी नहीं, व्हाट्सऐप नंबर बंद और कंपनी का ठिकाना तक साफ नहीं।

इसके अलावा, ED को पता चला कि संदीपा विरक का संपर्क अंगरई नटराजन सेथुरमन से था, जो रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर रह चुके हैं। दोनों के बीच गैरकानूनी ‘लायजिंग’ के काम पर बातचीत होती थी। सेथुरमन के घर तलाशी में यह भी सामने आया कि उन्होंने निजी फायदे के लिए फंड्स का गलत इस्तेमाल किया।

जांच में यह भी पता चला कि 2018 में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से करीब 18 करोड़ रुपये सेथुरमन को बिना किसी पुख्ता जांच के दे दिए गए। लोन की शर्तें इतनी ढीली थीं कि ब्याज और मूल रकम चुकाने की पाबंदी तक नहीं थी। इसके अलावा, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड से उन्हें 22 करोड़ रुपये का होम लोन भी मिला, जो नियमों के खिलाफ था। इन पैसों का बड़ा हिस्सा गलत तरीके से खर्च किया गया और अब तक बकाया है

छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, रिकॉर्ड और गवाहों के बयान मिले।ED ने 12 अगस्त को संदीपा विरक को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 अगस्त तक ED की कस्टडी में भेज दिया गया। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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