क्राइम

दुबई वाली लड़की बनी श्रद्धा वाकर की हत्या की वजह, 6 हजार पेज वाली चार्जशीट में खुलासा

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Feb 8, 2023, 10:01 AM IST

श्रद्धा वाकर हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की है उसके मुताबिक आफताब ने सुनियोजित तरीके से मर्डर को अंजाम दिया। आफताब के तमाम सारी गर्लफ्रेंड के साथ मेलजोल श्रद्धा को पसंद नहीं थी। श्रद्धा के लगातार ऐतराज करने से परेशान आफताब ने वहशियाना अंदाज में हत्या को अंजाम दिया।

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18 मई 2022 को हुई थी श्रद्धा वाकर की हत्या

श्रद्धा वाकर हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने 6 हजार से अधिक पेज की चार्जशीट दायर कर दी है। चार्जशीट में पुलिस ने तफ्सील से पूरे वाकये का जिक्र किया है कि आफताब ने श्रद्धा की हत्या को क्यों अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक आफताब, श्रद्धा के झगड़ालू स्वभाव से तंग आ चुका था। लेकिन चार्जशीट में दुबई वाली एक लड़की का खास जिक्र है। श्रद्धा की हत्या 18 मई 2022 को आफताब ने की और मामले की जानकारी कुछ महीनों के बाद दुनिया के सामने आई। आफताब ने माना है कि उसने पहले गला दबा कर अपनी गर्लफ्रेंड को मार डाला और उसके बाद शव के टुकड़े कर ठिकाने लगा दिया। चार्जशीट के मुताबित आफताब पूनावाला की कई लड़कियों से दोस्ती थी जिसमें एक लड़की दुबई की। उस दुबई वाली लड़की के पीछे दोनों के बीच जबरदस्त झगड़ा हुआ था। यही नहीं आफताब का संबंध एक नागपुर और एक गुरुग्राम की लड़की से था।

आफताब, श्रद्धा वाकर को पीटा करता था जिसकी वजह से वो अपने दफ्तर से लगातार छुट्टियां लिया करती थी। चार्जशीट में इस बात का भी उल्लेख है कि आफताब ने शव के टुकड़ों को रेफ्रिजरेटर में रखा था। जब कोई उसका दोस्त छतरपुर उसके घर आता था वो रेफ्रिजरेटर को साफ करता था और दोबारा शवों के टुकड़ों को रख देता था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि आफताब ने पहले पुलिस को इस बयान से दिग्भ्रमित करने का काम किया जैसे कि उसने श्रद्धा के शव को जला दिया और उसकी हड्डियों का चूरा बना कर फेंक दिया।

18 मई को आफताब ने श्रद्धा को मार दिया था और अगले चार से पांच दिनों में 17 टुकड़ों में काट डाला था। दोनों हाथ के तीन टुकड़े किया, प्रत्येक पैर, सिर और धड़ के तीन टुकड़े किए थे। पेल्विस और थंब के दो टुकड़े किए। यही नहीं 18 से लेकर 21 मई तक उसने बड़ी मात्रा में पानी औरप ड्राई आइस खरीदा। शव को ठिकाने लगाने के लिए लाल रंग की बड़ी ब्रीफकेस महरौली के बाजार से खरीदा। लेकिन जब ब्रीफकेस भारी होने लगा तो उसने प्लान को छोड़ दिया। यही नहीं मर्डर के समय जिस फोन का वो इस्तेमाल कर रहा था उसे एक्सचेंज में अमेजन पर बेच दिया। मोबाइल एक्सचेंज करने से पहले उसने सारे डेटा को डिलीट कर दिया। पुलिस ने फोन को बरामद तो कर लिया। लेकिन डेटा नहीं मिल सका।

ललित राय
ललित राय author

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।और देखें

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