क्राइम

पत्नी बार-बार भाग जाती थी इसलिए मार डाला, आरोपी ने 70 हजार रुपये में खरीदा था

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 10, 2023, 01:27 PM IST

Delhi Crime News: आरोपी पति धर्मवीर से जब उसकी स्वीटी के बारे में पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि उसने 70 हजार रुपये में उसे खरीदकर शादी की थी। स्वीटी महिनों के लिए गायब हो जाती थी। आरोपी ने बताया, यही कारण है कि उसकी हत्या कर दी।

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Delhi Crime News

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Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने एक व्यक्ति को कथित तौर पर अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पति ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या की थी, जिसके बाद उसने महिला की लाश को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के फतेहपुर बेरी के एक वन क्षेत्र में फेंक दिया था। पुलिस ने महिला का शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति धर्मवीर के अलावा दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसके साथी अरुण और सत्यवान ने हत्या में उसकी मदद की थी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक महिला की पहचान स्वीटी के रूप में हुई है।

70 हजार रुपये में खरीदी थी पत्नी

पुलिस ने बताया, आरोपी पति धर्मवीर से जब उसकी स्वीटी के बारे में पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि उसने 70 हजार रुपये में उसे खरीदकर शादी की थी। आरोपी ने बताया कि स्वीटी ने कभी भी अपने माता-पिता या परिवार के सदस्यों के बारे में बात नहीं की। उसने केवल इतना कहा कि वह बिहार के पटना की रहने वाली है। आरोपी के साथी अरुण ने बताया कि धर्मवीर अपनी पत्नी स्वीटी के व्यवहार से खुश नहीं था, क्योंकि वह बार-बार महीनों के लिए घर से भाग जाती थी। इसलिए उसने स्वीटी की हत्या कर दी।

पुलिस को मिली थी शव के बारे में सूचना

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) चंदन चौधरी ने बताया, फतेहपुर बेरी में झील खुर्द बॉर्डर के पास जंगल में एक महिला का शव मिलने के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। घटना की जांच के लिए आसपस के सीसीटीवी खंगाले गए, जिसमें एक ऑटोरिक्शा की गतिविधि संदिग्ध लगी। पुलिस ने बताया, ऑटोरिक्शा की पहचान कर पुलिस छतरपुर निवासी इसके चालक अरुण तक पहुंची। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि उसने और उसके बहनोई नांगलोई निवासी धर्मवीर और सत्यवान ने हरियाणा बॉर्डर के पास गला घोंटकर स्वीटी की हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंक दिया।

पुलिस कर रही हर एंगल से जांच

पुलिस ने बताया, आरोपी महिला को रेलवे स्टेशन छोड़ने के बहाने अपने साथ ले गए थे, जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने कहा, इस बात की भी जांच की जा रही है कि महिला अपने पति का घर छोड़ कर कहां जाती थी। पुलि का कहना है कि घटना में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा को भी जब्त कर लिया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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